
60 की उम्र में क्या खाएं? (AI)
उम्र के इस पड़ाव में सही और संतुलित नाश्ता केवल भूख मिटाने का जरिया नहीं, बल्कि ऊर्जा, बेहतर पाचन और बीमारियों से बचाव की पहली ढाल है।
बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और पाचन शक्ति कमजोर पड़ने लगती है। ऐसी स्थिति में सुबह की पहली मील यानी नाश्ते का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्गों के लिए नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो पचने में आसान हो, ऊर्जा से भरपूर हो और शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करे। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सही समय पर लिया गया संतुलित नाश्ता दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कुंजी है।
नाश्ता दिनभर के मेटाबॉलिज्म को गति देने का काम करता है। स्पेन में 55 से 75 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों पर किए गए एक व्यापक अध्ययन (PREDIMED-Plus) के अनुसार, यदि सुबह का नाश्ता कुल दैनिक कैलोरी का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है, तो यह कई स्वास्थ्य लाभ देता है।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष:
अक्सर भूख न लगने या पाचन कमजोर होने के कारण वरिष्ठ नागरिक सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं, जो सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण (KNHANES) में 65 वर्ष से अधिक आयु के 92,000 से अधिक बुजुर्गों के डेटा का विश्लेषण किया गया।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) ने भारतीय जलवायु और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए संतुलित थाली का प्रारूप तैयार किया है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच लगभग 400 से 450 किलो कैलोरी का नाश्ता आदर्श माना गया है। इस थाली का दैनिक ढांचा इस प्रकार होना चाहिए।
| खाद्य वर्ग | अनुशंसित मात्रा (प्रति दिन नाश्ता) | प्रमुख पोषक तत्व |
| साबुत अनाज | 60–70 ग्राम (दलिया, ओट्स, पोहा) | जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर |
| दालें व फलियां | 30–40 ग्राम (मूंग, चना, स्प्राउट्स) | सुपाच्य प्लांट प्रोटीन |
| सब्जियां | 50–100 ग्राम (हरी पत्तेदार या उबली) | विटामिन, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स |
| डेयरी उत्पाद | 100–200 मिली (दूध, दही या छाछ) | कैल्शियम, विटामिन B12 और प्रोबायोटिक्स |
| ताजे फल | 50–150 ग्राम (सेब, पपीता, केला) | विटामिन C और प्राकृतिक फ्रुक्टोज |
| नट्स व बीज | 10–20 ग्राम (भीगे बादाम, अखरोट) | ओमेगा-3 फैटी एसिड और खनिज |
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का द्रव्यमान कम होने लगता है (Sarcopenia)। हालांकि कई अध्ययनों से स्पष्ट है कि केवल सुबह प्रोटीन खा लेना ही पर्याप्त नहीं है। जापान में वरिष्ठ महिलाओं पर किए गए 12-सप्ताह के एक शोध के अनुसार, जब सुबह 10 ग्राम सुपाच्य प्रोटीन (जैसे दूध या दही) के साथ हल्की शारीरिक गतिविधि या सुबह की सैर जोड़ी गई, तो मांसपेशियों की मजबूती और ग्रिप स्ट्रेंथ में सुधार देखा गया।
भारतीय रसोई में आसानी से तैयार होने वाले विकल्पों के साथ एक संतुलित साप्ताहिक डाइट चार्ट:
Updated on:
27 Aug 2026 04:01 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:01 pm
