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Stomach pain vs Gas pain : गैस की गोली खाने से पहले ठहरें, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे बड़ी बीमारी को नजरअंदाज?

क्या आप भी पेट दर्द को सिर्फ गैस या एसिडिटी मान लेते हैं? जानिए अपेंडिसाइटिस, गॉलब्लैडर स्टोन और अल्सर के चेतावनी भरे लक्षण और कब तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
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भारत

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Chitra Badoliya

Aug 20, 2026

Stomach pain

गैस समझकर न करें भूल (AI)

भागदौड़ भरी दिनचर्या, जंक फूड, अनियमित खान-पान और बढ़ता तनाव इन सबने पेट में जलन, भारीपन या मरोड़ को एक आम परेशानी बना दिया है। हमारे घरों में पेट में कोई भी असहजता होते ही पहला फैसला यही लिया जाता है कि 'गैस बन गई है' या 'एसिडिटी हो गई है'। लोग बिना सोचे-समझे घरेलू काढ़े, चूरन या मेडिकल स्टोर से एंटासिड व गैस की गोलियां खाकर राहत पाने की कोशिश करते हैं। अस्थायी तौर पर दर्द दब भी जाता है, लेकिन क्या हर बार पेट दर्द की वजह गैस ही होती है?

एनाटॉमी के अनुसार पेट हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा है। यहां आमाशय, आंतें, लिवर, पित्ताशय (Gallbladder), पैंक्रियाज और अपेंडिक्स जैसे अहम अंग एक-दूसरे से जुड़े हैं। किसी भी अंग में खराबी सबसे पहले पेट दर्द के रूप में ही संकेत देती है। इसे मामूली गैस मानकर बार-बार नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है।

सामान्य गैस-एसिडिटी और खतरे के बीच का अंतर

पाचन क्रिया के दौरान थोड़ी गैस बनना सामान्य है। जब हम तेजी से खाना खाते हैं या ज्यादा तैलीय भोजन करते हैं, तो पेट का एसिड इसोफेगस (भोजन नली) की ओर ऊपर उठता है।

सामान्य गैस/एसिडिटी के लक्षण:

  • सीने के बीच में या पेट के ऊपरी हिस्से में हल्की जलन।
  • खाना खाने के तुरंत बाद पेट का हल्का फूलना (Bloating)।
  • डकार आने या गैस पास होने पर भारीपन में तुरंत आराम मिलना।
  • ठंडा दूध, पानी या साधारण एंटासिड लेने के 15-20 मिनट में राहत मिलना।
  • यदि आपका दर्द इस दायरे से बाहर है, बार-बार लौटता है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो यह पाचन की सामान्य समस्या नहीं बल्कि शरीर का 'अलार्म' है।

गैस जैसे दिखने वाले गंभीर अंदरूनी रोग

पेट के किस हिस्से में दर्द हो रहा है और उसका प्रकार कैसा है, यह बीमारी की पहचान में सबसे अहम होता है:

अपेंडिसाइटिस (Appendicitis)

लक्षण: दर्द नाभि के आसपास हल्के दबाव से शुरू होता है और 6 से 12 घंटे में पेट के निचले दाहिने हिस्से (Lower Right Abdomen) में शिफ्ट होकर बहुत तेज हो जाता है।

खतरा: लोग इसे अक्सर गैस का दर्द समझकर पेट पर गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने लगते हैं, जिससे अपेंडिक्स के फटने (Rupture) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

गॉलब्लैडर स्टोन या इन्फेक्शन (Gallstones)

लक्षण: पित्ताशय में पथरी होने पर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज, ऐंठन भरा दर्द उठता है। यह दर्द अक्सर भारी या तला-भुना खाना खाने के 1-2 घंटे बाद शुरू होता है और दाहिने कंधे या पीठ तक फैलता है।

भूल: गरिष्ठ भोजन के तुरंत बाद होने के कारण इसे सामान्य बदहजमी समझ लिया जाता है।

पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer)

लक्षण: पेट या छोटी आंत की अंदरूनी परत पर घाव होने से खाली पेट तेज चुभन और जलन महसूस होती है।

पैटर्न: खाना खाने या दूध पीने पर कुछ देर राहत मिलती है, लेकिन पेट खाली होते ही दर्द दोबारा लौट आता है। समय पर इलाज न होने पर अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है।

पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis)

लक्षण: अग्न्याशय में सूजन आने पर पेट के ऊपरी हिस्से में अचानक असहनीय दर्द उठता है, जो सीधे पीठ की तरफ जाता है। आगे की तरफ झुककर बैठने पर दर्द में थोड़ा आराम मिलता है।

भूल: इसके साथ अक्सर उल्टियां होती हैं, जिसे लोग तीव्र एसिडिटी या फूड पॉइजनिंग मान लेते हैं।

गुर्दे की पथरी (Kidney Stone)

लक्षण: यह दर्द पीठ के निचले हिस्से (कमर के एक तरफ) से शुरू होकर आगे पेट के निचले हिस्से और जांघों की तरफ बढ़ता है। यह दर्द लहरों की तरह (तरंगों में) उठता है और बेहद तीव्र होता है।

अन्य संकेत: पेशाब में तेज जलन या पेशाब के रंग में बदलाव।

महिलाओं में गायनेकोलॉजिकल समस्याएं

महिलाओं में पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया का दर्द ओवेरियन सिस्ट के फटने, एंडोमेट्रियोसिस, पीआईडी (Pelvic Inflammatory Disease) या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic Pregnancy) की वजह से हो सकता है। इसे कभी भी गैस्ट्रिक पेन नहीं मानना चाहिए।

मापदंडसामान्य गैस / अपचगंभीर मेडिकल इमरजेंसी
दर्द का स्थानपूरे पेट में हल्का भारीपन या घूमता हुआ दर्दपेट के किसी एक खास हिस्से में तेज व स्थिर दर्द
दर्द की तीव्रताहल्का से मध्यम, जो समय के साथ कम होता हैअचानक शुरू हुआ तेज, चुभन भरा या असहनीय दर्द
राहत का साधनडकार, टहलने या पानी पीने से आरामकिसी भी घरेलू उपाय या एंटासिड से कोई राहत नहीं
संबंधित लक्षणकेवल डकार या पेट फूलनातेज बुखार, पीलिया, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ

लक्षण: कब इमरजेंसी में जाएं?

यदि पेट दर्द के साथ नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी एक नजर आए, तो बिना देरी किए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

  • पेट को छूने पर वह पत्थर जैसा कड़ा (Rigid) महसूस हो या हाथ लगाने पर असहनीय दर्द हो।
  • दर्द के साथ तेज कंपकंपी वाला बुखार आ रहा हो।
  • लगातार उल्टियां हो रही हों और शरीर में पानी न टिक रहा हो।
  • उल्टी में खून दिखे या मल का रंग गहरा काला/टार जैसा हो।
  • बिना डाइटिंग के तेजी से वजन घट रहा हो और भूख लगना पूरी तरह बंद हो जाए।
  • त्वचा या आंखों में पीलापन दिखे (पीलिया के संकेत)।
  • सीने या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के साथ ठंडा पसीना आए और बाएं हाथ में भारीपन हो (यह साइलेंट हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है)।

पेनकिलर्स और सेल्फ-मेडिकेशन के खतरे

बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर (दर्द निवारक) लेकर खाना सबसे खतरनाक आदत है। पेनकिलर्स केवल दर्द के सिग्नल को दिमाग तक जाने से रोकते हैं, बीमारी को ठीक नहीं करते। इसके अलावा, खाली पेट लगातार पेनकिलर खाने से पेट की अंदरूनी परत छिल सकती है, जिससे वास्तव में अल्सर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है।

स्वस्थ पाचन के 4 बुनियादी नियम

पेट के विकारों से बचने और पाचन को दुरुस्त रखने के लिए ये आदतें अपनाएं

  • भोजन का निश्चित समय: रात का खाना सोने से 2-3 घंटे पहले खाएं ताकि एसिड रिफ्लक्स न हो।
  • फाइबर और पानी: डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और सलाद शामिल करें और पर्याप्त पानी पिएं।
  • अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी: अत्यधिक तला-भुना, बासी और जरूरत से ज्यादा मिर्च-मसालेदार खाना सीमित करें।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट: दिमाग और आंतों का सीधा जुड़ाव (Gut-Brain Connection) होता है; तनाव सीधे पाचन बिगाड़ता है, इसलिए योग व वॉक को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

पेट दर्द शरीर का एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है। कभी-कभार होने वाली गैस चिंता का विषय नहीं है, लेकिन अगर दर्द तेज है, बार-बार परेशान कर रहा है या उसकी प्रकृति बदल रही है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न बैठें। सही समय पर डॉक्टर से जांच, अल्ट्रासाउंड या एंडोस्कोपी करवाना आपको बड़ी सर्जरी और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षित रख सकता है।