
बेटी की उच्च शिक्षा व आत्मनिर्भरता के लिए 8.2% ब्याज और टैक्स-फ्री रिटर्न के साथ सर्वोत्तम योजना। ( फोटो: AI )
बेटियों के भविष्य को मज़बूत और सुरक्षित बनाने में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक भरोसेमंद विकल्प है। यह लेख आपको बताएगा कि इस योजना का टैक्स और बचत के लिहाज़ से कैसे सबसे सही और प्रभावी उपयोग किया जाए—ताज़ा जानकारी और व्यावहारिक सुझावों के साथ।
SSY पर वर्तमान ब्याज दर 8.2% है, जो अप्रेल से सितंबर 2026 की तिमाही में भी अपरिवर्तित बनी हुई है। यह दर PPF (7.1%) से बेहतर है और छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक है। इस स्थिरता से निवेशकों को लंबे समय तक भरोसेमंद रिटर्न की गारंटी मिलती है।
SSY में निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स में छूट मिलती है, जिससे कर-योग्य आय में कटौती होती है। साथ ही, इस योजना में अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स-फ़्री होती है, यानी यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी की योजना है। यह टैक्स बचत और सुरक्षित रिटर्न का बेहतरीन संयोजन है।
नियमों के अनुसार, SSY खाता 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर खोला जा सकता है। इसमें प्रति वित्त वर्ष न्यूनतम ₹250 तथा अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। जमा की अवधि अधिकतम 15 वर्ष की होती है, जबकि खाता 21 वर्ष बाद परिपक्व होता है।
उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा भी उपलब्ध है। जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर ले, तब खाताधारक पिछले वित्त वर्ष के अंत में उपलब्ध शेष राशि का 50% तक निकाल सकता है—एक वित्त वर्ष में एक बार, अधिकतम पाँच वर्षों में किस्तों में, और केवल वास्तविक फ़ीस या शुल्क के आधार पर। निकासी के लिए प्रवेश पत्र या फ़ीस रसीद जैसे दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं।
विवाह के लिए समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा भी है। यदि बेटी का विवाह 21 वर्ष से पहले (18 वर्ष की आयु के बाद) हो रहा है, तो विवाह की तारीख से 1 माह पहले या 3 महीने बाद तक खाता बंद किया जा सकता है, बशर्ते उचित दस्तावेज़ और स्व-घोषणा प्रस्तुत की जाए।
समय पर और नियमित निवेश: हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹250 जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा खाता डिफ़ॉल्ट हो सकता है। बेहतर रिटर्न के लिए प्रत्येक महीने की 1 से 5 तारीख के बीच राशि जमा करें ताकि उस महीने के पूरे ब्याज का लाभ मिल सके।
अधिकतम सीमा का ध्यान: ₹1.5 लाख से अधिक की राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता। अतः वार्षिक सीमा के भीतर ही सुनियोजित निवेश करें।
केवाईसी (KYC) अपडेट रखें: पते, मोबाइल नंबर और बैंक रिकॉर्ड को हमेशा अपडेट रखें ताकि निकासी के समय कोई अड़चन न आए।
दस्तावेज़ सुरक्षित रखें: शिक्षा या विवाह के समय निकासी के लिए फ़ीस रसीद और आयु प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखें।
Updated on:
19 Aug 2026 08:13 pm
Published on:
19 Aug 2026 08:13 pm
