
प्रतीकात्मक तस्वीर | Gemini AI
विटामिन डी की कमी के बारे में अधिकतर लोगों को पता है। लेकिन, वो इसके लिए सिर्फ धूप के भरोसे बैठे रहते हैं। शायद इसलिए भी भारत में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, लगभग हर आयु वर्ग में विटामिन डी की कमी व्यापक रूप से पाई जाती है।
एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण (CNNS 2016–18) में पाया गया कि 0–4 वर्ष के बच्चों में औसतन 19.5 ng/mL, 5–9 वर्ष में 17.7 ng/mL और 10–19 वर्ष में 17.1 ng/mL 25(OH)D स्तर था, और 0–4 वर्ष के लगभग 49% बच्चों में विटामिन डी की कमी या अपर्याप्तता थी। किशोरों (10–19 वर्ष) में लगभग 23.5% को कमी थी।
वयस्कों में भी स्थिति चिंताजनक है। दिल्ली एनसीआर में 30 वर्ष से अधिक उम्र के 1403 वयस्कों के अध्ययन में शहरी क्षेत्रों में 71% में गंभीर कमी (25(OH)D <10 ng/mL), 27% में कमी (10–<20 ng/mL) और 2% में अपर्याप्तता (20–<30 ng/mL) पाई गई; ग्रामीण क्षेत्रों में यह क्रमशः 20%, 47% और 25% था। दक्षिण एशियाई वयस्कों पर एक मेटा-विश्लेषण में भारत में विटामिन डी की कमी की औसत दर लगभग 67% बताई गई है।
इस कमी के कई कारण हैं: धूप में कम समय बिताना, त्वचा पर कपड़े या सनस्क्रीन का उपयोग, प्रदूषण, त्वचा का रंग, और सिर्फ शाकाहारी भोजन में विटामिन डी की कमी। शहरी महिलाओं, मोटापे वाले लोगों और कम शारीरिक गतिविधि वाले किशोरों में यह कमी अधिक पाई गई है।
भारतीय संदर्भ में ICMR–NIN के अनुसार, विटामिन डी की अनुशंसित दैनिक मात्रा (RDA) 400 IU (10 µg) है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह मात्रा पर्याप्त नहीं है, खासकर जब धूप से प्राप्त विटामिन डी कम हो। उदाहरण के लिए, Endocrine Society के अनुसार, पर्याप्त स्तर (≥30 ng/mL) पाने के लिए 1000–4000 IU/दिन की आवश्यकता हो सकती है।
धूप से विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे प्राकृतिक तरीका है - सुबह 10–30 मिनट (हाथ और चेहरे को उजागर करके) धूप में बिताना, सप्ताह में कम से कम 3–4 बार।
शाकाहारी भोजन में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड दूध, दही, अनाज या सप्लीमेंट्स पर ध्यान दें। यदि डॉक्टर ने खून की जांच कराई है और कमी पाई गई है, तो वे उचित खुराक (सप्लीमेंट) बताएंगे।
मांसाहारी भोजन में विटामिन डी के सबसे अच्छे स्रोत फैटी मछली (जैसे सैल्मन और टूना), अंडे की जर्दी और कॉड लिवर ऑयल हैं।
विटामिन डी की कमी एक आम लेकिन अनदेखी समस्या है, जो हड्डियों को कमजोर कर सकती है और अन्य स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकती है। यदि आपने हाल ही में खून की जांच नहीं कराई है, तो यह एक अच्छा समय है—विशेषकर यदि आप शहरी क्षेत्र में रहते हैं, धूप कम लेते हैं या शाकाहारी हैं। डॉक्टर से मिलें, अपनी 25(OH)D स्तर जांचें और जरूरत के अनुसार कदम उठाएं। यह लेख डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मोटापे वाले लोगों को डॉक्टर से परामर्श कर नियमित जांच और जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट लेना चाहिए।
मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी सप्लीमेंट या खुराक को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Updated on:
16 Sept 2026 12:03 pm
Published on:
16 Sept 2026 12:02 pm
