1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विक्टोरिया म्यूजियम में जगन्नाथ रथ यात्रा के मनोरम चित्र

चित्रों को उकेरने वाले आर्टिस्ट का नाम अज्ञात है...

2 min read
Google source verification
rath yatra

(भुवनेश्व): ओडिशा के पुरी की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के 19 सदी में उकेरे गए तैलचित्र अभी भी विक्टोरिया अलबर्ट संग्रहालय की शोभा बढ़ा रहे हैं। रथयात्रा दुनिया के कई देशों में यहां तक कि पाकिस्तान में भी निकाली जाती है। पुरी में तो देश दुनिया से लाखों भक्त एकत्र होते हैं। विक्टोरिया अलबर्ट म्यूजियम में रथयात्रा के कई चित्र हैं, जिन्हे देखने के लिए लोग जाते हैं।  

rath yatra

मेक इन ओडिशा कानक्लेव में आए विदेशी उद्यमियों ने कहा भी था कि पुरी रथयात्रा के कारण ओडिशा का नाम दुनिया में चर्चित है। म्युजियम में महाप्रभु जगन्नाथ, देवी सुभद्रा, बलभद्र और सुदर्शन के चित्र हैं। ये चित्र 1822 में तैयार किए गए बताए जाते हैं। हालांकि इन चित्रों को उकेरने वाले आर्टिस्ट का नाम अज्ञात है।

rath yatra

महाप्रभु के रथ को खींचते हुए उनके भक्तगण वाले इस रथ की ऊंचाई 46.5 सेंटीमीटर और 67.5 सेमी. चौड़ाई है। विक्टोरिया एंड अलबर्ट की अधिकारिक वेबसाइट में कपड़े पर बनाए गए इन चित्रों का उल्लेख है। रथयात्रा के रथ काष्ठकला का भी सजीव उदाहरण है। कुछ चित्र 51 सेमी लंबे और 71.5 सेमी चौड़े हैं। ये चित्र भी 1822 के हैं। जगन्नाथ रथयात्रा के 6 चित्र हैं।