
बुलंदशहर खुर्जा पॉटरी उद्योग के लिए तो काफी मशूहर है, लेकिन खुर्जा को खुर्जा वाली मैया के नाम से भी जाना जाता हैं। जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर खुर्जा में श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

इस मंदिर का निर्माण 1 जनवरी 1993 को हुआ था। मंदिर के आंदर मां की अष्टधातु की 4.5 टन वजन की 27 खंडों में बनी शक्ति स्वरूपा की मूर्ति है, जिसमें मां के नौ रूप समाहित हैं। श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर में अष्टधातु की चार टन वजन की 27 खंडों में बनी शक्ति स्वरूपा की मूर्ति है, जिसमें मां के नौ रूप समाहित है।

इस अटठारहभुजी मूर्ति में श्रद्धालु देवी मां के सभी नौ रूपों के दर्शन करते हैं। श्रीनवदूर्गा मन्दिर में आदिशक्ति मां जगद्म्बा के सभी नौ रूपों का श्रंगार भी हर रोज अलग-अलग होता है। श्रृंगार से एक दिन पहले मां की पोशाक की पूजा होती है।

इस विग्रह को ‘श्री दुर्गा पंचायत’ का रूप दिया गया है, जिसमें मां भवानी एक रथ पर कमलासन मुद्रा में विराजमान हैं। उनके दायीं ओर हनुमान जी और बायीं ओर भैरों जी उनकी अगुवाई कर रहे हैं। रथ के शीर्ष पर भगवान शंकर विराजमान हैं तथा रथ के सारथी हैं भगवान श्री गणेश।

श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर के चारों ओर एक परिक्रमा मार्ग का भी निर्माण किया गया है। जिसकी 108 परिक्रमाओं की कुल लम्बाई श्री गोर्वधन परिक्रमा मार्ग के बराबर है। कहते हैं कि नवरात्रियों में मन्दिर की 108 परिक्रमा करने से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं। नवरात्रियों में मन्दिर की 108 परिक्रमा करने का विषेश महत्व भी है।

खुर्जा जीटी रोड स्थित अलीगढ़ चुगी के निकट करीब दो हजार वर्ग गज में श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर बना हुआ है। भूतल से मन्दिर की ऊंचाई 30 फीट व इसके शिखर की ऊंचाई 60 फीट है। मन्दिर के मुख्य द्वार का निर्माण इस तकनीक से किया गया है कि सड़क से ही माता रानी के मुख्य भवन के दर्शन किये जा सकते हैं। मन्दिर प्रांगण में सभी दीवारों व छत पर दिल्ली व जयपुर के कलाकारों द्वारा शीशे की महीन कारिगरी की गयी है।

मोहन लाला की माने तो देवी मां ने सपने में आकर दर्शन दिए थे, जिसके बाद मंदिर का निर्माण शुरु किया गया। बता दें कि मंदिर को बने हुए 25 साल 1 जनवरी 2018 को पूरे हो जाएंगे। ये दुर्गा मां की अद्वितीय मूर्ति अष्टधातु से बनी हैं।

इस अटठारहभुजी मूर्ति में श्रद्धालु देवी मां के सभी नौ रूपों के दर्शन करते हैं। यह मूर्ति 14 फुट ऊंची और 11 फुट चौड़ी मूर्ति में मां दुर्गा कमल के आसन पर विराजमान है। मूर्ति का निर्माण एक पिलर पर टिका है।

दिल्ली से 70 किलोमीटर दूर बसे बुलंदशहर के खुर्जा में माता का मंदिर हैं। बुलंदशहर पहुंचने के बाद खुर्जा के लिए बस और टेम्पो दोनों जाते हैं। खुर्जा के मंदिर तक पहुंचने का बस एक आसान तरीका हैं।