2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कल्पनाओं की कारीगर जाह्नवी, ब्रश व रंगों से है प्यार…

माचिस की डिब्बी पर बना दिया पीएम नरेंद्र मोदी का चित्र पुरानी वस्तुओं को साज सज्जा से बना देती है आकर्षक
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

डूंगरपुर

•

image

sidharth shah

•

Updated: 29 Jul 2018, 4:11 PM IST

ph

शहर के प्रतापनगर निवासी प्रकाश पंचाल की पुत्री जाह्नवी पिछले पांच वर्ष से सक्रिय रूप से चित्रकारी से जुड़ हुई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा माचिस की डिब्बी पर उकेरा है। कुर्सी पर बैठे चितनशील व्यक्ति का बेहतरीन चित्रण माचिस की डिब्बी पर किया है। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय उदयपुर से एमएससी कर जाह्नवी को रचनात्मक खूब रास आती है। पिछले दिनों ही इससे पुराने लालटेन व टेलीफोन की साज सज्जा कर आकर्षक बना दिया। जान्हवी की मां इंदिरा पंचाल भी पेटिंग का शौक रखती है।

ph

बादाम से लेकर पत्थर पर किया कामजाह्नवी ने बादाम पर प्रकृति का प्रेम उकेरा है। रास्ते मेंं मिले पंख पर रंगों के जरिये डाल पर बैठे पंछी का चित्रण कर दिया। यह पत्थर, पेंसिल पर कारीगरी कर चुकी है। आंखों की पेटिंग भी आश्चर्यचकित करती है। वह अखबार केे कागज से थ्री व्हीलर गाडी व डेकोरेशन का काम करती है।

ph

इस्टाग्राम पर मिलते हैं आर्डरजाह्नवी की कारीगरी को सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है। इनके तीन हजार फॉलोअर है। जन्मदिन, मैरिज एनवर्सरी हो या कोई विशेष दिन। इनको इंस्टाग्र्राम के जरिये हैंडमेड आर्ट क्राफ्ट की प्री बुकिंग मिल रही है। जो यह दो दिन में बनाकर लोगों को उपलब्ध कराती है। वहीं उदयपुर में कई शॉप संचालक भी इस कारीगरी के लिए इनसे संपर्क करते हैं। यह मल्टीपल फोटो क्यूब भी तैयार करती है। यह अपनी क्रिएटविटी को सोशल मीडिया पर साझा करती है।

ph

जान्हवी ने बताया कि स्कूल के दिनों से पेटिंग का शौक था। पहले सिर्फ पेपर पर कार्य किया। कुछ हटकर करने के लिए माचिस की डिब्बी, पंख पर कार्य किया। मस्तिष्क में फोटो क्लिक होने पर उस पर काम शुरू कर देती हूं। पिछले दिनों बादल महल की पेटिंग तैयार की थी। इसे फेस पेटिंग के साथ हाथों से भी सजा देती है।

ph

पेटिंग पर और अच्छा कार्य करने के लिए अभिलाषा भावसार से दो माह का प्रशिक्षण लिया। इस दौरान नौ चेहरे वाली पेटिंग तैयार की। पिता प्रकाश बताते हैं कि प्रकृति से जुड़ी पेटिंग अधिक तैयार करती है। फुर्सत में अपना समय चित्रकारी को देती है। इन्होंने पेटिंग को घर पर सजा रखा है।