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ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

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ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

ग्वालियर दुर्ग की तलहटी में स्थापित त्रिशला माता के मंदिर का निर्माण पुराने शताब्दी काल में किया गया था तब यह मूर्ति मात्र 18 फीट की थी और जाने के लिए जगह भी बहुत ही सीमित थी लेकिन जैन समाज ने मूर्ति की पूजा अर्चना कर शुरू कर दी और धीरे-धीरे अपने कब्जे में ले लिया लेकिन जब वह और निर्माण करने की सोच रहे थे तभी आर क्लोजी सर्वे ऑफ इंडिया ने उस पर रोक लगा दी जिसको लेकर जैन समाज ने बहुत धरना प्रदर्शन भी किया इसमें कई असरदार लोगों ने ग्वालियर के अधिकारियों का ट्रांसफर भी करवा दिया और एकाधिकार रखते हुए क्षेत्र का निर्माण कार्य अवैध रूप से बिना परमिशन के कर लिया आज के समय को देखते हुए यह निर्माण कार्य इतना व्यापक रूप ले चुका है कि उन्होंने सीमेंटेड सड़क के साथ-साथ कई अन्य मूर्तियां भी स्थापित कर ली ऑल बना लिया लोहे की ग्रिल लगाकर पूरा अपने कब्जे में ले लिया है

ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

ग्वालियर दुर्ग की तलहटी में स्थापित त्रिशला माता के मंदिर का निर्माण पुराने शताब्दी काल में किया गया था तब यह मूर्ति मात्र 18 फीट की थी और जाने के लिए जगह भी बहुत ही सीमित थी लेकिन जैन समाज ने मूर्ति की पूजा अर्चना कर शुरू कर दी और धीरे-धीरे अपने कब्जे में ले लिया लेकिन जब वह और निर्माण करने की सोच रहे थे तभी आर क्लोजी सर्वे ऑफ इंडिया ने उस पर रोक लगा दी जिसको लेकर जैन समाज ने बहुत धरना प्रदर्शन भी किया इसमें कई असरदार लोगों ने ग्वालियर के अधिकारियों का ट्रांसफर भी करवा दिया और एकाधिकार रखते हुए क्षेत्र का निर्माण कार्य अवैध रूप से बिना परमिशन के कर लिया आज के समय को देखते हुए यह निर्माण कार्य इतना व्यापक रूप ले चुका है कि उन्होंने सीमेंटेड सड़क के साथ-साथ कई अन्य मूर्तियां भी स्थापित कर ली ऑल बना लिया लोहे की ग्रिल लगाकर पूरा अपने कब्जे में ले लिया है

ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

ग्वालियर दुर्ग की तलहटी में स्थापित त्रिशला माता के मंदिर का निर्माण पुराने शताब्दी काल में किया गया था तब यह मूर्ति मात्र 18 फीट की थी और जाने के लिए जगह भी बहुत ही सीमित थी लेकिन जैन समाज ने मूर्ति की पूजा अर्चना कर शुरू कर दी और धीरे-धीरे अपने कब्जे में ले लिया लेकिन जब वह और निर्माण करने की सोच रहे थे तभी आर क्लोजी सर्वे ऑफ इंडिया ने उस पर रोक लगा दी जिसको लेकर जैन समाज ने बहुत धरना प्रदर्शन भी किया इसमें कई असरदार लोगों ने ग्वालियर के अधिकारियों का ट्रांसफर भी करवा दिया और एकाधिकार रखते हुए क्षेत्र का निर्माण कार्य अवैध रूप से बिना परमिशन के कर लिया आज के समय को देखते हुए यह निर्माण कार्य इतना व्यापक रूप ले चुका है कि उन्होंने सीमेंटेड सड़क के साथ-साथ कई अन्य मूर्तियां भी स्थापित कर ली ऑल बना लिया लोहे की ग्रिल लगाकर पूरा अपने कब्जे में ले लिया है

ग्वालियर दुर्ग पर बिना परमिशन के जैन समाज ने किया त्रिशला माता मंदिर क्षेत्र का अवैध निर्माण

ग्वालियर दुर्ग की तलहटी में स्थापित त्रिशला माता के मंदिर का निर्माण पुराने शताब्दी काल में किया गया था तब यह मूर्ति मात्र 18 फीट की थी और जाने के लिए जगह भी बहुत ही सीमित थी लेकिन जैन समाज ने मूर्ति की पूजा अर्चना कर शुरू कर दी और धीरे-धीरे अपने कब्जे में ले लिया लेकिन जब वह और निर्माण करने की सोच रहे थे तभी आर क्लोजी सर्वे ऑफ इंडिया ने उस पर रोक लगा दी जिसको लेकर जैन समाज ने बहुत धरना प्रदर्शन भी किया इसमें कई असरदार लोगों ने ग्वालियर के अधिकारियों का ट्रांसफर भी करवा दिया और एकाधिकार रखते हुए क्षेत्र का निर्माण कार्य अवैध रूप से बिना परमिशन के कर लिया आज के समय को देखते हुए यह निर्माण कार्य इतना व्यापक रूप ले चुका है कि उन्होंने सीमेंटेड सड़क के साथ-साथ कई अन्य मूर्तियां भी स्थापित कर ली ऑल बना लिया लोहे की ग्रिल लगाकर पूरा अपने कब्जे में ले लिया है