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छींक रोकने का मतलब है जान जोखिम में डालना, सतर्क रहें

कई बार हम विशेष स्थानों पर होते हैं और छींक आ जाती है। छींक को रोकने की कोशिश करना खतरे का कारण बना सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में एक युवक ने छींक रोकने की कोशिश में की तो उसकी सांस की नली में छेद हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, यह दुनिया में पहला मामला है। युवक को बचाने के लिए समय पर इलाज किया गया।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Dec 15, 2023

दुनिया में इस तरह का यह पहला मामला

कई बार हम कुछ विशेष जगहों पर उपस्थित होने के कारण छींक को रोक लेते हैं। छींक को रोकना जान के लिए खतरा बन सकता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में 34 साल के एक युवक ने छींक रोकने की कोशिश कि तो उसकी सांस की नली फट गई। उसमें दो मिलीमीटर का छेद हो गया। ब्रिटिश डॉक्टरों के मुताबिक दुनिया में इस तरह का यह पहला मामला है। युवक की जान भी जा सकती थी। समय पर इलाज से वह बच गया।

 सांस नली के फटने का खतरा

युवक को कार चलाते समय अचानक छींक का अहसास हुआ था। उसने इसे रोकने के लिए नाक के नीचे अंगुली रखी और मुंह बंद कर लिया। छींक सामान्य से 20 गुना तेज थी। इससे उसके मुंह के अंदर दबाव बढऩे से सांस की नली फट गई। अस्पताल में डॉक्टर तब हैरान रह गए। युवक की गर्दन दोनों ओर से सूज गई थी और आवाज में कर्कशपन था। पांच हफ्ते में उसका घाव भरा। डॉक्टरों के मुताबिक छींक रोकना किसी खतरनाक स्टंट से कम नहीं है, जिससे जान तक जा सकती है। इस मामले को सभी के लिए चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी कि छींक आने का अहसास होने पर नाक या मुंह को बंद करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

आंखों के लैंस को हो सकता नुकसान

छींक रोकने से आंखों पर भी नुकसान हो सकता है। आंखों पर दबाव आने से लैंस को खतरा होता है।

फट सकता है कान का पर्दा

जब भी छींक आती है तब नाक के रास्ते से तेज हवा बाहर आती है। अब यदि आप छींक रोकते हैं तो हवा का दबाव बाहर जाने की जगह अंदर ही मुड़ जाता है। जिससे कान का पर्दा फट सकता हैं।

भारी नकसीर का खतरा

छींक रोकने का सबसे ज्यादा खतरा नाक की ब्लड वेसल्स फटने का रहता है। छींक के रास्ते बाहर निकलने वाली हवा का प्रेशर बहुत ज्यादा होता है। इसके कारण नाक की ब्ल्ड वेसल्स फट सकती है और कंट्रोल में नहीं आने वाली नकसीर हो सकती है, जिससे जान को जोखिम हो सकती है।