15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

207वीं हेड़े की परिक्रमा: हाथों में मंजीरे, नंगे पांव निकली परिक्रमा…जयपुर में गूंजे भजन, तस्वीरों में देखें भक्ति और आस्था का संगम

जयपुर में गोपाल जी महाराज की 207वीं हेडे की परिक्रमा में सुबह हाथों में मंजीरे और नंगे पांव भजन गाते भक्तों की मंडली जहां से भी गुजरी भक्ति की रसधार बह गई।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Savita Vyas

Aug 29, 2025

जयपुर में ढूंढ़ाड़ की रियासतकालीन परंपरा और आस्था का संगम मानी जाने वाली गोपाल जी महाराज की 207वीं हेडे की परिक्रमा आज सुबह छह बजे गोपाल जी का रास्ता स्थित नृसिंहजी के मंदिर से शुरू हुई।

जयपुर में ढूंढ़ाड़ की रियासतकालीन परंपरा और आस्था का संगम मानी जाने वाली गोपाल जी महाराज की 207वीं हेडे की परिक्रमा आज सुबह छह बजे गोपाल जी का रास्ता स्थित नृसिंहजी के मंदिर से शुरू हुई।

परिक्रमा में 36 जातियों के सैकड़ों भक्त जयपुर की परंपरागत वेशभूषा-सफेद धोती, कुर्ता और मोतिया रंग की पगड़ी धारण कर ढोलकी और मंजीरों की ताल पर भजन-कीर्तन करते हुए निकले।

परिक्रमा में 36 जातियों के सैकड़ों भक्त जयपुर की परंपरागत वेशभूषा-सफेद धोती, कुर्ता और मोतिया रंग की पगड़ी धारण कर ढोलकी और मंजीरों की ताल पर भजन-कीर्तन करते हुए निकले।

कुंज बिहारी धोतीवाले ने बताया कि इस बार की परिक्रमा की खासियत है कि जिस मंदिर में पहुंचेगी, उसी मंदिर के ठाकुरजी का भजनों से गुणगान होगा। भजन मंडली के साथ श्रद्धालु जौहरी बाजार के मंदिरों के दर्शन करते हुए सांगानेरी गेट पहुंचे।

कुंज बिहारी धोतीवाले ने बताया कि इस बार की परिक्रमा की खासियत है कि जिस मंदिर में पहुंचेगी, उसी मंदिर के ठाकुरजी का भजनों से गुणगान होगा। भजन मंडली के साथ श्रद्धालु जौहरी बाजार के मंदिरों के दर्शन करते हुए सांगानेरी गेट पहुंचे।

सांगानेरी गेट से नगर परिक्रमा में श्रद्धालु पैदल ही पंचमुखी हनुमान, गढ़गणेश होते हुए दोपहर को गलताजी पहुंचेंगे। दोपहर दो बजे सिसोदिया रानी के बाग के सामने चतुर्भुज मंदिर पहुंचकर विश्राम करेंगे।

सांगानेरी गेट से नगर परिक्रमा में श्रद्धालु पैदल ही पंचमुखी हनुमान, गढ़गणेश होते हुए दोपहर को गलताजी पहुंचेंगे। दोपहर दो बजे सिसोदिया रानी के बाग के सामने चतुर्भुज मंदिर पहुंचकर विश्राम करेंगे।

इसके बाद शाही लवाजमा, बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा भजन-कीर्तन करते हुए जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता होते हुए रात दस बजे गोपालजी के मंदिर पहुंचेगी।

इसके बाद शाही लवाजमा, बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा भजन-कीर्तन करते हुए जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता होते हुए रात दस बजे गोपालजी के मंदिर पहुंचेगी।