
जयपुर में तैयार हुए 7.5 किलो के चांदी के थाल में लगेगा रामलला को पहला भोग

थाल में रखे गए कलश में चार अश्व लगाए गए हैं। कमल की पंखुड़ी के आकार वाले चार कटोरे और कलश तैयार किए गए।

इसे चांदी की शिला पर हनुमानजी अपने दोनों हाथों से उठाए हैं। थाल में सुंदरकांड के 35वें सर्ग के 15 श्लोक भी उकेरे गए हैं।

थाल में प्रभु राम के दिव्य गुणों व चारित्रिक विशेषताओं के साथ ही वन्यजीवों के प्रति स्नेह को भी दर्शाया है।

थाल के केंद्र में सूर्य देव का चित्र प्रभु राम के सूर्यवंशी होने को दर्शाता है।