
10 हजार ऑटो चालकों का रोजगार संकट में, आधी रह गई कमाई (फोटो- पत्रिका)
LPG Crisis in Jaipur: जयपुर: राजस्थान सरकार और खाद्य विभाग का पूरा ध्यान घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सुचारू करने पर है। लेकिन जयपुर शहर की लाइफलाइन ऑटो एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सरकार, विभाग और गैस एजेंसियां चुप्पी साधे हुए हैं।
नतीजतन, शहर में संचालित करीब 10 हजार एलपीजी ऑटो चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि चालक एक दिन पेट्रोल पंप पर एलपीजी के लिए कतार में लगते हैं और अगले दिन रोजगार पर जाते हैं।
उनका कहना है कि मौजूदा हालात में अब सिर्फ 15 दिन का रोजगार ही बचा है। शहर में एलपीजी ऑटो संचालन से जुड़े 10 हजार परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है।
आधे महीने ही ऑटो चलने से आय घट गई है। यह संकट ऐसे समय आया है, जब स्कूल खुल चुके हैं। फीस, किताबें और ड्रेस का खर्चा परिवारों पर भारी पड़ रहा है।
ऑटो चालकों का कहना है कि शहर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुचारू है। लेकिन एलपीजी सप्लाई पूरी तरह से अव्यवस्थित है। आठ-दस किलोमीटर दूर पंप तक पहुंचने पर पता चलता है कि एलपीजी खत्म हो चुकी है। पंप दर पंप भटकने से ऑटो में बैठी सवारियां भी नाराज होकर झगड़ा करने लगती हैं।
चालकों ने बताया कि पहले सोचा था यह संकट एक-दो दिन का होगा, लेकिन संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। रोजगार का आधार ही डगमगाने लगा है। वहीं, पंप संचालक मनमर्जी से एलपीजी की दरें तय कर रहे हैं, जिससे चालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-अमजद कुरैशी, एलपीजी ऑटो चालक
एलपीजी कमी के कारण ऑटो के पहिए थम से गए हैं। एक बार एलपीजी भराने में पूरा दिन निकल जाता है। ज्यादातर समय ऑटो खड़ा रखना पड़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। ज्यादा समय तक यह सब चला तो हालात विकट हो जाएंगे।
-हंसराज योगी, एलपीजी ऑटो चालक
Published on:
05 Apr 2026 08:40 am
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