
मानसून के पहले दौर की बारिश में ही राजधानी जयपुर बदरंग होने लगी है। गुलाबी शहर के नाम से मशहूर शहर से गुलाबी रंग गायब सा होने लगा है।

परकोटे व दरवाजों पर किया हुआ गुलाबी रंग उतरने लग गया है। इसके साथ ही दीवारों लगाया गया चूना भी झड़ना शुरू हो गया है।

सांगानेरी गेट से गुलाबी रंग उड़ने लगा है। यहां प्लस्तर गिरने से दीवार बदरंग नजर आ रही है। यहीं हाल परकोटे के अन्य इलाकों का भी है। वहां भी दरवाजे व परकोटा बदरंग सा लगने लगा है।

गुलाबी शहर की खूबसूरती को निहारने के लिए दुनियाभर से सैलानी पहुंचते हैं। ऐसे में गुलाबी शहर की बदरंग तस्वीर से शहर की छवि खराब हो रही है।

जयपुर शहर का सौंदर्यन को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, मानसून की बारिश में ही हकीकत सामने आने लगी है। हैरत की बात तो यह है कि जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं खुली है।