
जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में सुबह 4:45 बजे प्रियाजी का अभिषेक किया गया। इस दौरान राधा रानी के जयकारों से पूरा पांडाल गूंज उठा। खास बात यह है कि राधाजी के अभिषेक के समय ठाकुरजी के दर्शन नहीं हुए। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ।

मंगला झांकी दर्शन से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। राधारानी की एक झलक देखने को श्रद्धालु आतुर नजर आए। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर राधा रानी की पूजा-अर्चना की।

कृष्ण जन्माष्टमी के बाद भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को राधाष्टमी पर्व आज विभिन्न योग-संयोगों में मनाया जा रहा है। राधाजी के प्राकट््योत्सव पर देवालयों में पंचामृत अभिषेक, विशेष पालना झांकियां और फूलों से आकर्षक शृंगार का आयोजन किया गया।

रामगंज बाजार स्थित लाडली जी मंदिर में महंत संजय गोस्वामी, चांदनी चौक स्थित ठाकुर आनंद कृष्ण बिहारी जी मंदिर में पुजारी मातृप्रसाद शर्मा के सान्निध्य में कार्यक्रम हो रहे हैं।

पुरानी बस्ती स्थित राधा गोपीनाथ और इस्कॉन मंदिर सहित जगतपुरा कृष्ण बलराम मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। यहां राधा रानी को विशेष सिल्क और वृंदावन की रंग-बिरंगी पोशाकों से अलंकृत कर शाम को 108 कलशों से अभिषेक और महाआरती की जाएगी।

गलता गेट स्थित मंदिर श्री गीता गायत्री जी में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में राधा अष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया कि पंचामृत अभिषेक के बाद मनोहारी झांकी सजाई गई।