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मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है…

कोटा. कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों की आत्महत्या को लेकर राज्य बाल अधिकारिता संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल सोमवार को कोटा पहुंची। उन्होंने सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक विभिन्न कोचिंग संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया। कोचिंग में विद्यार्थियों की क्लास लेकर उनका उत्साहवर्धन किया। कुछ विद्यार्थियों से अकेले में बात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

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मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है...

बेनीवाल राजीव गांधी नगर में एक कोचिंग में स्टूडेंट से क्लास में बातचीत कर रही थी। इस दौरान एक छात्रा भावुक हो गई। झारखंड के एक छात्र ने कहा कि मैं कुछ समय पहले डिप्रेशन में चला गया था। इसके चलते 15 दिन पढ़ाई छोड़कर घर पर खेलकूद में मन लगाया, फिर वापस कोटा आकर पढ़ाई शुरू की। अब सबकुछ ठीक से चल रहा है।

मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है...

बेनीवाल राजीव गांधी नगर में एक कोचिंग में स्टूडेंट से क्लास में बातचीत कर रही थी। इस दौरान एक छात्रा भावुक हो गई। झारखंड के एक छात्र ने कहा कि मैं कुछ समय पहले डिप्रेशन में चला गया था। इसके चलते 15 दिन पढ़ाई छोड़कर घर पर खेलकूद में मन लगाया, फिर वापस कोटा आकर पढ़ाई शुरू की। अब सबकुछ ठीक से चल रहा है।

मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है...

बेनीवाल राजीव गांधी नगर में एक कोचिंग में स्टूडेंट से क्लास में बातचीत कर रही थी। इस दौरान एक छात्रा भावुक हो गई। झारखंड के एक छात्र ने कहा कि मैं कुछ समय पहले डिप्रेशन में चला गया था। इसके चलते 15 दिन पढ़ाई छोड़कर घर पर खेलकूद में मन लगाया, फिर वापस कोटा आकर पढ़ाई शुरू की। अब सबकुछ ठीक से चल रहा है।

मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है...

बेनीवाल राजीव गांधी नगर में एक कोचिंग में स्टूडेंट से क्लास में बातचीत कर रही थी। इस दौरान एक छात्रा भावुक हो गई। झारखंड के एक छात्र ने कहा कि मैं कुछ समय पहले डिप्रेशन में चला गया था। इसके चलते 15 दिन पढ़ाई छोड़कर घर पर खेलकूद में मन लगाया, फिर वापस कोटा आकर पढ़ाई शुरू की। अब सबकुछ ठीक से चल रहा है।