
रंगेश्वर मां काली मंदिर: मथुरा में नवरात्रि के दौरान आप रंगेश्वर मां काली मंदिर जा सकते हैं। इस मंदिर में भगवान शिव और मां काली विराजमान हैं। भक्त मां काली को रंगेश्वरी मैया के नाम से भी पुकारते हैं। यह मंदिर होली गेट के करीब है। नवरात्रि के इन खास दिनों में आप रंगेश्वर मां काली मंदिर जा कर माता रानी के दर्शन कर सकते हैं।

मां बगलामुखी मंदिर: मां बगलामुखी के प्राचीन मंदिर को मां को पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां बगलामुखी देवी स्वयं प्रकट हुई थीं। बड़ी ही आस्था लिए भक्त मां के दर्शन करने आते हैं और अपनी मुरादों की अर्जी लगाते हैं। मां बगलामुखी का मंदिर पुराना बस अड्डा के पास स्तिथ है।

मां काली देवी मंदिर: काली मां को साक्षात दुर्गा शक्ति का अवतार माना जाता है। मां काली अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूूरी करती हैं और उनके दुखों को हर लेती हैं। नवरात्र में मां के दर्शन के लिए हजारों भक्त आते हैं। ऐसे में आप भी माता रानी के दर्शन के लिए मां काली देवी मंदिर ज़रूर जाएं।

मां पाताल लोक भूतेश्वर मंदिर: नवरात्रि में श्रद्धालु मां पाताल लोक भूतेश्वर मंदिर जाने का प्लॉन कर सकते हैं। मां के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से मां पाताल लोक भूतेश्वर मंदिर आया करते हैं। इस मंदिर के लिए श्रद्धालुओं के मन में काफी आस्था है।

मां चामुंडा देवी मंदिर: आप मथुरा में मां चामुंडा देवी मंदिर भी माता से आशीर्वाद लेने जा सकते हैं। मथुरा-वृंदावन मार्ग पर उमापीठ मां चामुंडा मंदिर का पौराणिक महत्व है। साथ ही इसका धर्म पुराणों में उल्लेख भी है। चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्रि, अक्षय नवमी और देवोत्थान एकादशी पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।