4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये है वे जगहें जहां महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुषों के प्रवेश पर भी लगी है रोक

कुछ ऐसी जगहें जहां केवल महिलाएं ही जा सकती हैं और पुरूष वहां नहीं जा सकते।

3 min read
Google source verification
market

मणिपुर में 500 सालों से भी ज्यादा पुराना एक बाजार है जहां पुरूष नहीं जा सकते है। इस बाजार का नाम है ईमा केइथाल। इस बाजार में शान्ति से सब खरीदारी करते हैं और बिल्कुल भी शोर शराबा नहीं करते। कहा जाता है कि आजादी के पहले पुरूषों ने इस बाजार को कई बार नष्ट करना चाहा। ऐसे में यहां की महिलाएं एकजुट होकर इसकी रक्षा की। इस बाजार में केवल शादीशुदा महिलाएं ही दुकान लगाती हैं। इसे पूरी दुनिया में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा बाजार माना गया है।  

village

केन्या में एक ऐसा गांव है जहां पुरूष बिल्कुल भी नहीं जा सकते हैं। इस गांव को उमोजा गांव के नाम से जाना जाता है। केवल 15 महिलाओं ने मिलकर 1990 में इस गांव की शुरूआत की थी। इस गांव में केवल ऐसी महिलाएं रहती हैं जिन्हें समाज के रूढ़ीवादी कानूनों ने ही उन्हें उनके घर से बेदखलकर दिया। यहां की महिलाएं पर्यटकों का स्वागत करती हैं और जीविका के लिए उन्हें अपने हाथ से ज्वेलरी बनाकर भी बेचती हैं। अभी इस गांव में करीब 47 महिलाएं और 200 बच्चे रहते हैं। यहां की महिलाएं खुद को घरेलू और सामाजिक हिंसा से बचाने में सफल हुई और इससे वे काफी खुश हैं।  

temple

तमिलनाडु के कोयंम्बटूर में स्थित भैरवी मंदिर जहां के गर्भ गृह में पुरूषों का जाना मना है और तो और पूजा के कुछ खास रस्मों में पुरूष भाग भी नहीं ले सकते हैं।

temple

तमिलनाडु के एक और मंदिर में पुरूष नहीं जा सकते हैं। यह मंदिर है तमिलनाडु का कन्या कुमारी मंदिर जो कि एक शक्ति पीठ भी है। लोगों का कहना है कि विष्णू ने जब सती के शरीर का खंडन किया था तब उनकी रीढ़ की हड्डी यहां पर गिरी थी। इसमें भगवती देवी मां का वास है और माता एक सन्यासी हैं इसलिए यहां पर अविवाहित पुरूषों का जाना मना है।  

temple

राजस्थान के पुष्कर में एक ब्रह्मा मंदिर है जहां पर अविवाहित पुरूषों का जाना मना है। इस मंदिर का निर्माण 14 वीं शताब्दी में किया गया था। पूरे देश में ब्रह्मा जी का ये एकलौता मंदिर है।  

temple

केरल के अट्टुकल मंदिर में पोंगल का सबसे बड़ा आयोजन किया जाता है। जहां 30 लाख से भी ज्यादा महिलाएं इसे धूम-धाम से मनाती हैं। इतनी भारी तादात में किसी धार्मिक उत्सव में भाग लेने के कारण इसका नाम गिनीस बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड्स में भी दर्ज है। इस उत्सव को करीब 10 दिनों तक मनाया जाता है और इन दिनों कोई भी पुरूष मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते।  

temple

केरल के चाक्कुलाथूकाभू मंदिर में भी पुरूष के प्रवेश पर मनाही है। हालांकि साल भर उनपर रोक नहीं है केवल धनुर मास में धनु पूजा के दौरान, संक्रान्ति के समय और नारी पूजा के दौरान पुरूष इस मंदिर में नहीं जा सकते हैं।