
मध्यप्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा (Bhagirathpura) में नलों से सप्लाई दूषित पानी पीने के कारण करीबन 15 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पत्रिका ने सामाजिक सरोकार व दायित्व निभाते हुए रायपुर (Raipur) में शासन-प्रशासन को अलर्ट किया।

पत्रिका (Patrika) ने जमीनी हकीकत पर केंद्रित खबरें प्रमुखता से प्रकाशित कीं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 25 सालों से नहीं सुधरा है जलापूर्ति सिस्टम (Water Supply System)। बताया कि नाले-नालियों में डूबी पेयजल पाइपलाइन हैं जानलेवा।

इंदौर (Indore) के भागीरथपुरा की घटना न हो इसलिए सिस्टम सुधारने के लिए रायपुर पश्चिम के बीजेपी विधायक राजेश मूणत, रायपुर महापौर (Raipur Mayor) मीनल चौबे, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के साथ निगम के अधिकारी रविवार को सड़क पर उतरे। 5 घंटे शहर का निरीक्षण करते रहे।

सरोना डंपिंग यार्ड (Sarona Dumping Yard), सरोना शीतला माता मंदिर के पास शासकीय जमीन का सीमांकन कराने, चिंगरी नाला, पीहर नाला की सफाई कराने पर जोर दिया। चंदनीडीह एसटीपी (STP) का जायजा लिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने सरोना से कचरा हटाने के साथ ही ठोस कार्ययोजना तैयार करने कहा।