नृत्यांजलि महोत्सव: भोपाल, बिलासपुर और खैरागढ़ के कलाकारों ने मोहा मन शास्त्रीय नृत्यों की मोहक प्रस्तुति
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कलाकारों ने ओडिसी नृत्य पेश किया।मां ही मेरी गुरु
मेरी मां ही गुरु रही हैं। स्कूल में मनोरंजन के तौर पर नृत्य किया करती थी। स्कूल से हायर एजुकेशन जाते वक्त पढ़ाई छुट गई थी। मुझे लगा कि लाइफ में कुछ मिसिंग है। तब मैंने दोबारा शुरू किया और इसे प्रोफेशन के तौर पर अपनाया। चार साल से सीखना शुरू किया और अब देश-विदेश में प्रस्तुति दे चुकी हूं।