
एक व्यक्ति परेशानियों से पूरी तरह घिर गया और निराश होकर एक पहाड़ के पास जाकर बैठ गया और खुद को कोसने लगा। उसी समय वहां से एक दार्शनिक गुजर रहे थे।उन्होंने युवक को निराश बैठे हुए देखा और कहा कि तुम इतने निराश क्यों हो? युवक बोला,‘मेरे जीवन में बहुत परेशानियां हैं। एक परेशानी खत्म नहीं होती कि दूसरी खड़ी हो जाती है।’दार्शनिक ने कहा,‘बस इतनी सी बात।’ वो उसे अपने साथ ले गए।

रास्ते में वो ऊंटों के एक व्यापारी के पास रुक गए और उस व्यक्ति को भी वहीं रुकने के लिए बोला। रात में जब दोनों सोने जा रहे थे तो उन्होंने उससे कहा कि आज व्यापारी बीमार है इसलिए तुम तब सोना जब सारे ऊंट सो जाएं। उनकी बात मानकर वह ऊंटों के सोने का इंतजार करता रहा।सुबह हुई तो दार्शनिक उसके पास पहुंचा और बोला,‘अच्छी नींद आई होगी तुम्हें?’ व्यक्ति बोला, ‘मैं पूरी रात नहीं सो पाया। एक ऊंट सोता तो दूसरा ऊंट उठ जाता है।’ दार्शनिक ने उसे समझाया कि जिंदगी भी इसी तरह है। एक समस्या जाएगी तो दूसरी खड़ी हो जाएगी। इसलिए उनका डटकर मुकाबला करो और जीवन का आनंद लेते हुए उनका सामना करो। सभी परेशानियां कुछ समय में अपने आप ही गायब होने लगेंगी।