
सीकर. हाथों में केसरिया ध्वज, सिर पर केसरिया बाना। भजनों पर नाचते युवा, डीजे से गूंजता सीकर और जगह-जगह फूल बरसाकर स्वागत करते शहरवासी। किसी ने केसरिया टी-शर्ट पहन रखी थी तो कोई इत्र का छिडक़ाव कर रहा था। कोई भगवान श्रीराम के जयकारे लगा रहा था तो कोई भक्ति में लीन था। कोई सेवा कर रहा था तो कोई व्यवस्था में जुटा हुआ था। रामनवमी पर रविवार को शहर में निकाली गई शोभायात्रा में कुछ इसी तरह से श्रद्धा व उत्साह चरम पर नजर आया।

दोपहर बाद रघुनाथजी मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा बावड़ी गेट, सुभाष चौक, गणेशजी मंदिर, बजाज रोड, तापडिय़ा बगीची, स्टेशन रोड, जाटिया बाजार, सूरजपोल गेट होते हुए देर शाम रामलीला मैदान पहुंची। जहां श्रीराम नवमी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रैवासा पीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि हमें एकजुट होकर कुरीतियों का वध करना होगा। छुआछूत आज भी बड़ी समस्या है, इसे मिलकर दूर करना होगा।

एकजुट रहे तो राम ही नहीं कृष्ण का मंदिर भी बनेगा। सांगलिया पीठाधीश्वर ओमदास महाराज ने कहा कि हमारी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी है। हिन्दू जागरण मंच के मुरली मनोहर ने कहा कि आज की जैसी शोभायात्राओं से सज्जन शक्तियों में उत्साह का संचार होता है। ऐसी परम्पराओं व त्योंहारों से ही संस्कृति बचेगी।

संस्कृति बचेगी तभी धर्म व देश बचेगा। मंच पर समिति के सोमनाथ त्रिहन, अर्जुन लाल झाझूका भी मौजूद रहे। हिन्दू जागरण मंच के चितरंजन सिंह राठौड़ ने आभार जताया।

1986 में पहली बार निकली थी संचालन कर रहे जानकी प्रसाद इंदौरिया ने बताया कि रामनवमी पर शोभायात्रा की शुरुआत वर्ष 1986 में की गई थी। संचालन शंकर भारती ने किया। समिति की ओर से झांकियां लाने वालों का सम्मान किया गया। सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, राज्यसभा सदस्य मदनलाल सैनी, चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया, सीकर विधायक रतनलाल जलधारी, धोद विधायक गोरधन वर्मा, प्रमोद सिंघानिया, जिला प्रमुख अपर्णा रोलन, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया, पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, महेश शर्मा, राजकुमार जोशी, अनिता शर्मा आदि मौजूद रहे। रघुनाथजी मंदिर में शुरुआत के समय पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया व राजेन्द्र पारीक, शिवसेना जिला प्रमुख मोहर सिंह गौड़, पुरुषोत्तम शर्मा आदि उपस्थित थे।

हेलिकॉप्टर से बरसाए फूल शोभायात्रा जब सुभाष चौक में पहुंची तब हेलिकॉप्टर ने भी फूल बरसाए। इसके अलावा जगह-जगह अनेक संगठनों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में महिलाओं की संख्या भी खूब रही।

तापडिय़ा बगीची व सूरजपोल गेट के पास श्रद्धालुओं पर फव्वारे से इत्र बरसाया गया। मशीन से गुलाब के फूलों की पंखुडियां बरसाई गई। शाम करीब पांच बजे शोभायात्रा जब तापडिय़ा बगीची पहुंची तो वहां एक तरह से संगम नजर आया।

लहराते रहे तलवार कई युवा शोभायात्रा में भगवा ध्वज के साथ तलवारें भी लहराते रहे। वहीं पुलिस भी हर पल चौकस रही। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पैदल मार्च करते रहे। विशेष जाप्ता तैनात किया गया। जाटिया बाजार में वज्र वाहिनी तैनात रही। इसके अलावा स्पेशल टास्क फोर्स, क्यूआरटी के जवान तैनात रहे। सिविल डिफेंस के युवा भी सतर्क दिखे। पुलिस का जाब्ता रात बारह बजे तक तैनात रहा।

महिलाओं की संख्या भी खूब रही शोभायात्रा में महिलाओं व युवतियों की संख्या भी खूब रही। महिलाएं भी केसरिया बाना पहने हुए थी। दुर्गादल की युवतियों में भी जोरदार उत्साह रहा।

बंद रखे प्रतिष्ठान, किया सहयोग व्यापारियों ने भी शोभायात्रा में खूब सहयोग किया। शोभायात्रा के दिन ही रविवार होने के कारण अधिकांश बाजारों में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे।

बंद रखे प्रतिष्ठान, किया सहयोग व्यापारियों ने भी शोभायात्रा में खूब सहयोग किया। शोभायात्रा के दिन ही रविवार होने के कारण अधिकांश बाजारों में व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे।

इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा प्रशासन ने ली राहत रामनवमी की शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दो दिन तक बैठकों में उलझे रहे। लेकिन शनिवार देर रात गुपचुप तरीके से इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी। इंटरनेट सेवा दिनभर बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मैसेज को लेकर माहौल खराब होने की स्थिति सामने आई थी। इसके बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में पाबंदी लगाने के लिए पत्र जारी किया गया। रात लगभग साढ़े बारह बजे जिलेभर में इंटरनेट सेवा बहाल हो सकी।

2018 में पहली बार ब्रेक वर्ष 2018 में जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहली बार इंटरनेट सेवा को बंद कराया। जबकि वर्ष 2017 में विभिन्न कारणों से जिला मुख्यालय व अन्य कस्बों में सात बार इंटरनेट सेवा बंद रही। सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी शनिवार सुबह तक इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाने के मूड में नहीं थे।