
मानव तस्करी के विरोध में गई थीं महिला रंगकर्मी बता दें कि ये सभी 19 जून की उस घटना से उत्तेजित थे जिसके तहत झारखंड के खूंटी जिले एक गांव में मानव तस्करी के विरोध में नुक्कड़ नाटक करने गई एक सांस्कृतिक टीम की 5 महिला कलाकारों के साथ असलहे के बल पर गैंग रेप किया गया। इसके विरोध में सोमवार को काशी के रंगकर्मियों, कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा मौन जुलूस कचहरी स्थित अम्बेडकर पार्क से ज़िला मुख्यालय तक निकाला गया। फिर प्रधानमंत्री को संबोधित एक पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौपा गया जिसमे गुहार की गई है कि देश में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, खूंटी बलात्कार मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा जो भी अपराधी हों उसे कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।

जिला मुख्यालय पर हुआ नुक्कड़ नाटक जिला मुख्यालय पर पहुंचने के बाद काशी के रंग मंच कलाकारों द्वारा “महिला हिंसा अब और नही” का संदेश देते हुए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर काशी के वरिष्ठ रंग कर्मी अजय रौशन ने कहा कि काशी के रंगकर्मी, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता झारखंड के खूंटी जिले के एक गांव में नुक्कड़ नाटक करने गईं नाटक टीम की लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना की कठोर निंदा करते हैं। साझा संस्कृति मंच के संयोजक फादर आनंद ने कहा यह कृत्य बेहद अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है जिस तरह पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा हो रही है वह राष्ट्र के सामने एक बड़ी चुनौती है जो भारतीय लोकतंत्र को आइना दिखाती है।

निर्भया कांड के बाद बने कानून धूल फांक रहे धनंजय त्रिपाठी ने कहा कि निर्भया के बाद पूरे देश मे फैले महिलाओं की बेख़ौफ़ आज़ादी के आंदोलन के बाद बने कड़े कानूनों के बावजूद देश मे बलात्कार की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आज भी उन्नाव से लेकर कश्मीर के कठुआ तक और बारपेटा से झारखण्ड के कोचांग तक आयेदिन ऐसी घटनाएं घट रही हैं। शालिनी यादव ने कहा जैसे-जैसे समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है,सामाजिक, राजनैतिक जीवन मे वे खुल कर शामिल हो रही हैं और अपना मुकाम हासिल कर रही हैं वैसे वैसे पितृसत्ता की अपराधी शक्तियां उनका मनोबल तोड़ने के लिए इन घटनाओं को अंजाम दे रहीं हैं। पत्थलगाड़ी आंदोलन समर्थकों पर आरोप की हो जांच साझा संस्कृति मंच के डा. आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि जिस तरह कोचांग की घटना के तुरंत बाद सरकार और पुलिस द्वारा पत्थलगड़ी आंदोलन के समर्थकों पर सीधे आरोप लगाया गया है, इस संदर्भ की भी जांच होनी चाहिए। इस घटना के जरिए समूचे पत्थलगड़ी आंदोलन पर कीचड़ उछालना किसी दूसरी साजिश की ओर इशारा करता है। वह आंदोलन आदिवासी समाज के प्राकृतिक और सामाजिक अधिकार का व्यापक आंदोलन है। सामाजिक कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पांडेय ने कहा कि नुक्कड़ नाटक दल की महिला कार्यकर्ताओं के साथ घटी इस दुस्साहसिक घटना के जरिए पूरे आदिवासी समाज को बदनाम करने की कोशिश का विरोध जरूरी है। यदि अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी पत्थलगड़ी समर्थक गांव के हों तब भी उनपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इन अपराधियों के कारण आंदोलन को बदनाम करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

बनारस की घटनाओं पर की हो निष्पक्ष जांच भेलूपुर थाना क्षेत्र में घटी घटना का जिक्र करते हुए डॉ इन्दू पांडेय ने कहा कि गत 9 मई 2018 को बनारस के शहर दक्षिणी इलाके में रहने वाली कक्षा 9 की छात्रा को घर से स्कूल जाते समय अगवा किया गया है। लोहता क्षेत्र में छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई है। लोहता में जिस जगह छात्रा हो रखा गया था उक्त कमरे में कुछ और भी ( लगभग 15 ) लडकिया कैद रहीं। लड़कियों को गल्फ़ देश ले जाने की बात भी हो रही थी। छात्रा के साथ ऑटो चालक और अन्य लोगो ने गैंगरेप किया है। किसी तरह से जान बचाकर भागी छात्रा स्वयम के आत्मबल से बचकर आज हमारे बीच है। उक्त छात्रा के साथ गैंगरेप प्रकरण में मजिस्ट्रेट जांच की संस्तुति हो और संवेदनशील प्रकृति के जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाए। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में ज्ञापन स्वीकार करने आयीं अपर नगर मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया. मौन जुलूस में मंच दूतम, प्रेरणा कला मंच, ट्राई टू फाईट, किसान एकता मंच, सुरक्षा फाउन्डेशन ,रंग भूमि आर्ट्स, दीक्षा क्रियेशन, ज्वाइंट एक्शन कमेटी, विश्वज्योति जन संचार केंद्र, इप्टा, लोक चेतना समिति, देव एक्सेल फाउन्डेशन, आशा ट्रस्ट, विश्व रूपम कला संगम, लक्ष्य कला मंच, साझा संस्कृति मंच, जन जागृति मंच, प्रगतिपथ फाउन्डेशन आदि संस्थाओं के सदस्य शामिल रहे। ये रहे शामिल आयोजन में प्रमुख रूप से डा मोहम्मद आरिफ, डा आनंद प्रकाश तिवारी, रवि शेखर, शालिनी, गिरसंत, सुरेन्द्र सिंह, नीति, फादर दयाकर, सतीश सिंह, विनय सिंह, शाश्वत, अजय रोशन, ज्योति, मुकेश झांझरवाला, जगन्नाथ कुशवाहा, रमेश कुमार, प्रवीण तिवारी, अनुराग मौर्या, दीपक पुजारी, चिंतामणि सेठ, प्रेम कुमार. धनञ्जय त्रिपाठी, रविकांत मिश्र, नवीन मिश्र, मुकेश उपाध्याय, राम दुलार, रचना, नव्या, सुनीता, वन्दना, सोना, प्रियंका, मीनू, राजेश, गोपाल, राघवेन्द्र सिंह, म्रत्युन्जय, वल्लभाचार्य पाण्डेय, विनय राय, अजय रोशन, डा इन्दू, फादर आनंद , रुखसाना, आदि शामिल रहे।