
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने से पहले जरुर करवाएं ये चेकअप
दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कैलाश मानसरोवर बहुत ही श्रेष्ठ तीर्थस्थानों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इसका महत्व शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों से भी श्रेष्ठ है। इसलिए हर साल कैलाश मानसरोवर यात्रा करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत एकत्रित होते हैं। वैसे तो यह बहुत ही कठिन यात्रा है, लेकिन फिर भी शिवभक्त यहां दर्शन के लिए हर साल आते हैं। इस साल यह यात्रा 8 जून से 8 सितंबर तक चलेगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल कुमाऊं में 12 जून को पहुंचेगा और धारचूला के रास्ते पारम्परिक मार्ग से पवित्र शिव धाम जाने का मौका मिलेगा।
पवित्र कैलाश मानसरोवर चीन के कब्जे वाले तिब्बत में मौजूद है। यह पवित्र पर्वत और सरोवर भगवान शिव का निवास स्थान है। कैलाश मानसरोवर यात्रा बहुत दुर्गम और लंबी होती है। यात्रा में लगभग 18 से 21 दिन लगते हैं। कैलाश मानसरोवर की तरह ही भारत में भी 4 ऐसे पवित्र सरोवर मौजूद हैं, जिनकी यात्रा और इनमें स्नान का शास्त्रों में काफी महत्व माना गया है। इन सरोवरों को लेकर कहा जाता है कि इनमें स्नान करने से मनुष्य को निश्चित ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।
आवेदक दोनों में से किसी एक मार्ग का चुनाव कर सकते हैं। यह यात्रा अत्यधिक ठंड, दुर्गम परिस्थितियों वाले रास्तों से होकर गुजरती है और अधिक ऊंचाई पर सुविधाएं भी सीमित होती हैं, इसलिए यात्रा के दौरान शारीरिक और चिकित्सीय रूप से स्वस्थ होना जरूरी है, नहीं तो यात्रा के दौरान आपको परेशानी हो सकती है।
इस धार्मिक यात्रा पर केवल भारतीय नागरिक ही जा सकते हैं, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट हो। यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों को तैयारी और मेडिकल टेस्ट के लिए 3-4 दिन दिल्ली में ठहरना पड़ता है। 18 से 70 वर्ष की उम्र के लोग यात्रा पर जा सकते हैं। आवेदनकर्ता की उम्र 1 जनवरी, 2016 को 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
Updated on:
30 May 2019 03:32 pm
Published on:
30 May 2019 03:29 pm
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