
पीलीभीत। सैकडों वकीलों ने आज जिलाधिकारी के खिलाफ उस वक्त मोर्चा खोला जबकि वो अपने कार्यालय में मौजूद थे। वकीलों ने उनके कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाज़ी की और विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने जिलाधिकारी मुर्दाबाद, भ्रष्टाचारी जिलाधिकारी होश में आओ जैसे नारे लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि जिलाधिकारी डा0 अखिलेश कुमार मिश्र जबसे पीलीभीत में आये हैं, उन्होने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। इसीलिए वकीलों ने उनकी कोर्ट का बहिष्कार कर रखा है। यहीं नहीं गोमती के नाम पर भी जिलाधिकारी ने घोटाले किये है। बस इसी बात को लेकर आज उन्होने विरोध किया हैं और वकीलों की मांग है कि मुख्यमंत्री जल्द ही पीलीभीत के जिलाधिकारी को यहॉ से हटा दें।
सभी वकील रहे एकजुट और कार्यालय के अंदर रहे जिलाधिकारी
पीलीभीत में अधिवक्ताओं की तीन एसोसिएशन चल रही है और तीनों ही एसोसिएशन के वकीलों ने पिछले पॉच दिनों से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय का बहिष्कार कर रखा है। वकीलों का जिलाधिकारी डा0 अखिलेश कुमार मिश्र पर आरोप है कि वो एक भ्रष्ट अधिकारी है। जबसे वो जनपद में आये तभी से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। जिलाधिकारी खुद तो भ्रष्टाचारी हैं ही उन्होने अपने कुछ चहेतों को भी साथ लगा रखा है। वहीं जिलाधिकारी ने गोमती उद्गम स्थल के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के नाम पर भी काफी घोटाले किये है, उन्होने यहॉ एक ट्रस्ट बनाकर जनता को लूटने का अड्डा बना रखा है। ऐसे ही कई आरोपों के साथ जिलेभर के सैकडों वकीलों ने अपना विरोध ज़ाहिर किया। वकीलों ने आज जिलाधिकारी के खिलाफ ‘‘जिलाधिकारी मुर्दाबाद’’ ‘‘जिलाधिकारी होश में आओ’’ ‘‘भ्रष्टाचारी जिलाधिकारी मुर्दाबाद’’ जैसे नारे लगाये। वकीलों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सपा-बसपा के नेताओं की तो शिकायत सुनेंगे नहीं लेकिन इसबार जिले के सभी वकीलों की मांग है कि यहॉ पीलीभीत के भ्रष्ट जिलाधिकारी को हटाया जाये, नही ंतो उनका यह प्रदर्शन आंदोलन के रूप में सामने आयेगा। इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी डा0 अखिलेश कुमार मिश्र अपने कार्यालय के अंदर बैठे रहे और वकील बाहर अपना प्रदर्शन करते रहे।