आरोप है कि गुरदीप सिंह ने दो-दो लाख रुपए लेकर सात युवकों को नौकरी के नाम पर जाॅर्डन भेजा था। उनसे जॉर्डन में परमानेंट वीजा देने का वायदा किया गया था, लेकिन उन्हें महज 10 दिनों के टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया। जिसके बाद से ही वे जॉर्डन में जाकर फंस गए। दो युवक किसी तरह जॉर्डन से वापस लौटे तो उन्होंने अन्य फंसे लोगों के बारे में घरों पर सूचना दी। जिसके बाद से ही पीड़ितों के परिजन विदेश मंत्रालय सें गुहार लगा रहे हैं।