बेरोजगारों को विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर मानव तस्करी करने का मामला सामने आया है। पीलीभीत के सात व्यक्ति जॉर्डन देश में फंस गए। जिनमें दो लोग जब वापस आए तो उन्होंने जॉर्डन की कहानी सुनाई। वहां फंसे पांच भारतीयों का वीडियो भी दिखाया। जिसमें वे बेहद अमानवीय हालात में दिखाई दे रहे हैं। उनके परिजनों ने विदेश मंत्रालय और स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई है।
सात लोगों को जाल में फंसाया
जिले में रोजगार के अवसर कम होने के चलते यहां के युवक विदेशों नौकरी के सपने देखते हैं। जिसका फायदा उठाकर कबूतरबाज गिरोह के लोग मानव तस्करी को अंजाम देते हैं। ताजा मामला सेहरामऊ उत्तरी थाने का है। जहां के कजरी निरंजनपुर निवासी कबूतरबाज गिरोह के सदस्य गुरदीप सिंह ने सात लोगों को अपना निशाना बनाया।
नौकरी का झांसा देकर भेजा गया
आरोप है कि गुरदीप सिंह ने दो-दो लाख रुपए लेकर सात युवकों को नौकरी के नाम पर जाॅर्डन भेजा था। उनसे जॉर्डन में परमानेंट वीजा देने का वायदा किया गया था, लेकिन उन्हें महज 10 दिनों के टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया। जिसके बाद से ही वे जॉर्डन में जाकर फंस गए। दो युवक किसी तरह जॉर्डन से वापस लौटे तो उन्होंने अन्य फंसे लोगों के बारे में घरों पर सूचना दी। जिसके बाद से ही पीड़ितों के परिजन विदेश मंत्रालय सें गुहार लगा रहे हैं।
मुकदमा दर्ज करने का निर्देश
विदेश मंत्रालय ने स्थानीय पुलिस को इमीग्रेशन एक्ट और मानव तस्करी के आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रोटेक्टर आॅफ इमीग्रेंट्स रायबरेली को भी मामले पर नजर बनाये रखने के निर्देश दिए हैं। विदेश मंत्रालय के निर्देश के बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। हालांकि एएसपी रोहित मिश्रा ने कहा कि मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द कार्रवाई की जायेगी।