
क्या कहते है पीलीभीत के मुस्लिम उलेमा अयोध्या मुद्दे पर
पीलीभीत। जानीमानी दरगाह व बरेली आला हज़रत के सिलसिले से जुढ़ी आस्ताने हशमतियां के सज्जादानशीं व शहर काज़ी मौलाना ज़रताब रज़ा खां का कहना है कि मंदिर निर्माण का मुद्दा सिर्फ इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि अब चुनाव का वक्त है। भाजपा और आरएसएस इस मुद्दे को गरमाकर फिर से सरकार बनाना चाहते हैं। इन्हें चुनाव के वक्त ही रामलला याद आते हैं और उसके बाद फिर भूल जाते हैं। भाजपा की आस्था नहीं है, अगर आस्था होती तो चुनाव के वक्त ही राम मंदिर क्यों याद आता है। उन्होंने मंदिर निर्माण मुद्दे में कांग्रेस को भी साथी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इनके पीछे से साथ है। जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो उससे बड़ा कोई नहीं है। कोर्ट जो फैसला आए उसके बाद जो हो देखा जाए। कोर्ट के फैसले से पहले यह सबकुछ करना गल़त है।
सदर इमाम संगठन पीलीभीत के हज़रत मौलाना अल्हाज हाफिज़ कारी इसरार अहमद अशरफी ने कहा कि पूरा मामला जब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और हमें कोर्ट का फैसला जो भी आए उसे मानना चाहिए ना कि पहले से ही कोई मुद्दा बनाना चाहिए। हम लोगों को इस देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को बरकार रखना है। हमें मुल्क के अमनो अमान के लिए एकजुटता रखनी है और कोर्ट के फैसले का इंतजार है। उन्होंने सभी मुस्लिम समाज के लोगों से अपील की है कि कोई कुछ भी करे, कितना भी भड़काए लेकिन सभी मुस्लिम भाई कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करें। उन्होंने इसे राजनीतिक चाल बताते हुए कहा कि पूरे साढे़ चार साल हो गए हैं, देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। यह सब चुनावी चाल है, कि लोग विकास की बात ना करें और मंदिर मुद्दे पर आ जाए और इनकी दोबारा केन्द्र में सरकार बन जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विकास ही नहीं किया इसलिए वो खामोश है। मंदिर मुद्दा उठाया क्योंकि उनके वादे झूठे थे। अब सभी वर्ग समाज के लोग समझ गए हैं और जनता जागरूक हो चुकी है। अब जो काम करेगा वही देश पर राज करेगा।
दरबार अल्लाह हूं मियां के मौलाना हाफिज़ ज़फर क़दीरी खां ने कहा कि हिन्दुस्तान एक जम्हूरियत (गणतंत्र) का मुल्क है। यहां संवैधानिक कानून चलता है। जहां तक बात मंदिर निर्माण के मुद्दे की है तो जो भी मसला है, वो कोर्ट के माध्यम से ही हल होना चाहिए। उन्होंने केन्द्र और प्रदेश सरकार दोनों के लिए कहा कि वो आगे आकर लोगों को समझाए और कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करें। उनका कहना है कि जो लोग भाजपा की मुखालफ़त कर रहे हैं, वो भी चुनाव के बाद खामोश हो जाएंगे। यह एक चुनावी मुद्दा है और इसका फायदा उन्हीं को होगा जो आजतक लेते आ रहे हैं।
जानिए क्या कहते दरबार आल्लाह हूॅ मियां के मौलाना हाफिज़ ज़फर क़दीरी खॉ
दरबार आल्लाह हूॅ मियां के मौलाना हाफिज़ ज़फर क़दीरी खॉ ने कहा कि हिन्दुस्तान एक जम्हूरियत (गणतंत्र) का मुल्क है, यहां संवैधानिक कानून चलता है। जहां तक बात मंदिर निर्माण के मुद्दे की है तो जो भी मसला है वो कोर्ट के माध्यम से ही हल होना चाहिए। उन्होंने केन्द्र और प्रदेश सरकार दोनो के लिए कहा कि वो आगे आकर लोगो को समझाए और कोर्ट के फैसले का इंतेज़ार करें। उनका कहना है कि जो लोग भाजपा की मुखालफ़त कर रहें है वो भी चुनाव के बाद खामोश हो जायेगें। यह एक चुनावी मुद्दा है और इसका फायदा उन्ही को होगा जो आजतक लेते आ रहें है।
Updated on:
27 Nov 2018 04:08 pm
Published on:
27 Nov 2018 03:56 pm
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