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धमकीभरा आॅडियो वायरल होने के बाद बीजेपी विधायक पर लगे ये गंभीर आरोप

भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार बोले ऐसे आरोपों से पार्टी की छवि खराब होती है।

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BJP MLA

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पीलीभीत। भाजपा सदर विधायक संजय सिंह गंगवार का भट्टा यूनियन अध्यक्ष को धमकी देते हुए ऑडियो वायरल होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। आॅडियो वायरल होने के 48 घंटे बाद यूनियन अध्यक्ष ने मीडिया के सामने आकर सदर विधायक पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया। वहीं इस मामले में भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार का कहना है कि उनका यह आॅडियो करीब आठ माह पहले का है, उन्हें कई भट्टा मालिकों ने शिकायत की थी जिसके बाद वो पुष्टि कर रहे थे। पैसे मांगने की कोई बात उन्होंने नहीं की।

ये है पूरा मामला
पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र के गांव सरदार नगर के रहने वाले मखदूम खां भट्टा स्वामी हैं, साथ ही वह पीलीभीत ब्रिक फील्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। मीडिया के सामने पीड़ित ने बताया कि बीते कुछ माह पूर्व उनके पास भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार का फोन आया था जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में विधायक कह रहे थे कि वे एसडीएम और तहसीलदार को पैसे देकर अपने भट्टों पर अवैध रूप से खनन कर ईंट निर्माण करा रहे हैं। उन्होंने मखदूम खां को मिलने के लिए कहा। यूनियन अध्यक्ष का आरोप है कि जब वे उनसे मिलने गए तो विधायक ने उनसे एक लाख की रंगदारी मांगी। इसके बाद यूनियन की बैठक में विधायक का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया। इससे नाराज होकर विधायक ने उनके भट्टों पर खड़ी जेसीबी मशीनें व ट्रैक्टर-ट्रालियां प्रशासन पर दबाव बनाकर सीज करवा दीं। जो आज भी थाने में खड़ी सड़ रही हैं। बीते सोमवार को सोशल मीडिया पर उनकी और विधायक के बीच बातचीत की ऑडियो वायरल होने के बाद कल दिन भर उनके पास धमकी भरे फोन आते रहे। यूनियन अध्यक्ष ने खुद की जान को खतरा बताया है।

ये बोले जिलाध्यक्ष
पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए अब भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार भी मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों से पार्टी की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा कि विधायक की रिपोर्ट बनाकर हाईकमान तक भेजी जा चुकी है, जिसकी जांच हो रही है। अगर हमारा कोई भी व्यक्ति दोषी होगा तो उसके खिलाफ निश्चित ही कार्रवाई होगी। खनन ठेकेदारों को जिलाध्यक्ष ने वैध करार करते हुए बताया कि ठेकेदार विधिवत रूप से अपना काम कर रहे हैं। यदि कहीं पर उन्होंने थोड़ा ज्यादा खनन कर लिया है तो उन पर कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में खनन निदेशक भी जांच कर चुकी हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि विधायक प्रतिनिधि ने जो खनन प्वाइंट पर जाकर किया ऐसा उन्हें नहीं करना चाहिए था। उन्हें चाहिए था कि वह अधिकारियों को सूचना देते और उनके द्वारा कार्रवाई करवाते। वायरल ऑडियो में विधायक द्वारा एसडीएम और तहसीलदार पर जो रिश्वत लेने के आरोप लगाये गये थे, उसका खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में ऐेसा कोई अधिकारी नहीं करता है।