
Indore-Dahod Rail Line: मध्यप्रदेश की इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम अब अंतिम चरण में तेजी से बढ़ रहा है। पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) विनीत गुप्ता एवं मुख्य इंजीनियर धीरज कुमार ने पीथमपुर रेलवे स्टेशन सहित टीही से धार तक चल रहे निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।
इस दौरान अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विनीत गुप्ता ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी बचे हुए काम मार्च महीने के अंत में पूरे कर लिए जाएं, ताकि इस रेलखंड पर ट्रायल रन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्य इंजीनियर धीरज कुमार ने जानकारी दी कि 2.9 किलोमीटर लंबी टीही टनल में लगभग 2 किलोमीटर तक ट्रैक बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष हिस्से में भी तेजी से काम जारी है। उन्होंने बताया कि ट्रैक बिछाने के साथ इलेक्ट्रिफ्क्रेिशन और सिग्नलिंग का कार्य भी समानांतर रूप से किया जा रहा है, जिससे समय की बचत हो सके।
इलेक्ट्रिफिकेशन के तहत टनल में हुक लगाए जा चुके हैं और केबल डालने का कार्य जारी है। इसके साथ ही सभी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि टीही से धार के बीच धार, सागौर, पीथमपुर और गुनावद चार रेलवे स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल इन स्टेशनों पर फिनिशिंग और आवश्यक तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। सागौर रेलवे स्टेशन पर दो यात्री प्लेटफॉर्म और एक मालगाड़ी प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य भी अंतिम दौर में है।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद इंदौर से मुंबई की रेल दूरी 829 किलोमीटर से घटकर 774 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वर्तमान में इंदौर से मुंबई जाने वाली अधिकांश ट्रेनें रतलाम होकर दाहोद के रास्ते जाती हैं, लेकिन नई लाइन शुरू होने से यात्रा अधिक सुगम और तेज हो जाएगी।
टीही में बन रही टनल इंदौर क्षेत्र की पहली बैलेस्टलेस ट्रैक वाली सुरंग है, जो तकनीकी दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह टनल पिछले लगभग छह वर्षों से निर्माणाधीन थी। अधिकारियों के अनुसार, इसके सिविल कार्य वर्ष 2024 में पूरे कर लिए गए थे और जून 2024 में सुरंग का अंतिम चरण भी लगभग पूरा हो गया था।
मुख्य इंजीनियर के अनुसार, यदि निर्माण कार्य में कोई तकनीकी अड़चन नहीं आती है तो मार्च के बाद ट्रायल रन कराया जाएगा। इसके पश्चात रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और अनुमति मिलने के बाद नियमित रेल संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
Updated on:
16 Jan 2026, 4:55 PM IST
Published on:
16 Jan 2026, 4:55 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.