
Compton Greaves Company lift collapsed worker died pithampur (फोटो- सोशल मीडिया)
lift collapsed: औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में एक बार फिर मजदूर सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। गुरुवार शाम कॉम्प्टन ग्रीव्स कंपनी (Compton Greaves Company) में लिफ्ट अचानक टूटकर गिर गई, जिससे नीचे काम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर विनोद पिता तुलसीराम लोधा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शाम लगभग 5.20 बजे कंपनी परिसर में उस समय हुआ जब विनोद लोधा लिफ्ट के माध्यम से माल उतारने का काम कर रहे थे। (MP News)
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विनोद लिफ्ट से सामान निकाल रहे थे, अचानक भारी भरकम लिफ्ट झटके के साथ नीचे आ गिरी। लिफ्ट की चपेट में आने से विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। सहकर्मियों ने उन्हें बमुश्किल मलबे से बाहर निकाला और कंपनी वाहन से इलाज के लिए ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर हड़कंप मच गया और कर्मचारी दहशत में आ पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और लापरवाही पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। (MP News)
मृतक विनोद लोधा मूल रूप से जिला खंडवा के हरसूद तहसील अंतर्गत छनेरा गांव के निवासी थे। कुछ वर्ष पहले उनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। वे अपनी दो मासूम बेटियों के साथ जीवन यापन कर रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का सहारा रहे विनोद की अचानक हुई मौत से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता को खोने के बाद अब दोनों बेटियां पूरी तरह अनाथ हो गई हैं। (MP News)
हादसे के बाद मृतक के परिजन और कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि थाने पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और लापरवाही पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। (MP News)
गौरतलब है कि पिछले दिनों बगदून क्षेत्र की सागर लुब्रिकेंट फैक्ट्री में बॉयलर हादसे में तीन मजदूरों की मौत हुई थी। उस मामले में भी हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेश यादव विवादों में आए थे। आरोप लगे थे कि बिना पूर्ण जांच और सुरक्षा प्रमाणन के उन्होंने फैक्ट्री को संचालन की अनुमति दी थी। अब कॉम्प्टन ग्रीव्स हादसे में भी राजेश यादव की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मजदूर संगठनों का कहना है कि अगर सुरक्षा विभाग ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाताए तो हादसे रोके जा सकते थे। (MP News)
हादसे के बाद मजदूर साथियों में आकोश देखा गया। उनका कहना है कि कंपनी में समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों और मशीनों की जांच नहीं की जाती। लिफ्ट खराब थी और कई दिनों से मेंटेनेंस की जरुरत थी। बावजूद इसके उपयोग में लाई जा रही थी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन केवल उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है। (MP News)
Updated on:
10 Oct 2025, 12:51 PM IST
Published on:
10 Oct 2025, 12:50 PM IST
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