
भरूच से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं अहमद पटेल, BJP के सामने भगवा गढ़ को बचाने की चुनौती
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतार कांग्रेस भाजपा के सामने सियासी चुनौती पेश कर चुकी है। अब कांग्रेस पीएम मोदी के गृह राज्य में भाजपा को घेरने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अहमद पटेल को भरूच से चुनावी मैदान में उतार सकती है। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए भगवा गढ़ को बचा पाना मुश्किल होगा। बता दें कि यह एक ऐसी संसदीय सीट है जिस पर भाजपा 1989 के बाद से कभी नहीं हारी है।
3 दशक बाद लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे पटेल
दरअसल, अहमद पटेल 1977, 80 और 85 में गुजरात की भरूच सीट से लोकसभा सांसद रहे चुके हैं। अहमद पटेल 1989 में राम मंदिर मुद्दा आने पर 21 हजार वोटों से हार गए थे। उसके बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से दूरी बना ली और राज्यसभा के रास्ते संसद में पहुंचते रहे हैं।
1989 के बाद से चुनाव नहीं हारी भाजपा
आजादी के बाद 1951 से ही इस सीट पर कांग्रेस की जीत का जो सिलसिला शुरु हुआ था, वह आपातकाल तक चलता रहा। उसके बाद 1984 में भी कांग्रेस को यहां से जीत मिली। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने 1989 में पहली बार यहां से जीत दर्ज की। उसके बाद से भाजपा यहां से एक बार भी चुनाव नहीं हारी है। यही वजह है कि भाजपा के लिए यह सीट काफी महत्वपूर्ण हो गई है।
भगवा गढ़ को बचा पाएगी भाजपा!
अब अहमद पटेल को इस सीट से चुनाव लड़ाने का संकेत मिलते ही इस बात की भी चर्चा होने लगी है कि क्या भाजपा अपने इस भगवा गढ़ को बचा पाएगी? या गांधी परिवार के करीबी अहमद पटेल लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को एक बार फिर सियासी पटखनी देने में सफल होंगे।
Published on:
31 Mar 2019 03:13 pm

बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
