कश्मीर को पाकिस्तान में विलय करने के ख्वाहिशमंद शाह गिलानी का कहना है कि, "नये साल के जश्न के नाम पर हम पर जो थोपा जा रहा है उसका हमारे समृद्ध सामाजिक मूल्यों एवं परंपराओं से कोई लेना देना नहीं है।" गुलमर्ग में और कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रस्तावित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए गिलानी ने कहा कि, "लोगों विशेषकर युवाओं को अपने धार्मिक सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।"