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कश्मीर की संस्कृति के विरुद्द है नए साल का जश्न मनानाः गिलानी

पाकिस्तानपरत अलगाववादी और कश्मीर के पाकिस्तान में विलय के समर्थक हैं सैयद अली शाह गिलानी

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Puneet Parashar

Dec 30, 2015

saiyad ali shah gilani

saiyad ali shah gilani

श्रीनगर। कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने कहा है कि लोगों को नववर्ष के जश्न में हिस्सा नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह कश्मीर की समृद्ध संस्कृति के विरुद्ध है। इससे पहले महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की अध्यक्ष आसिया अंद्राबी भी इन चीजों का विरोध कर चुकी है। इसके बाद गिलानी ने ऐसी पार्टियों को गैर इस्लामी करार देते हुए कश्मीर के लोगों को इन समारोह में हिस्सा न लेने की हिदायत दी है।

कश्मीर को पाकिस्तान में विलय करने के ख्वाहिशमंद शाह गिलानी का कहना है कि, "नये साल के जश्न के नाम पर हम पर जो थोपा जा रहा है उसका हमारे समृद्ध सामाजिक मूल्यों एवं परंपराओं से कोई लेना देना नहीं है।" गुलमर्ग में और कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में नववर्ष की पूर्व संध्या पर प्रस्तावित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए गिलानी ने कहा कि, "लोगों विशेषकर युवाओं को अपने धार्मिक सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।"

कौन है सैयद अली शाह गिलानी?
सैय्यद अली शाह गिलानी भारत के एक पाकिस्तानपरस्त इस्लामिक अलगाववादी व्यक्तित्व है जिनका कश्मीरी आतंकवादिता को बढावा देने में खुला हाथ है। वो कश्मीर के पाकिस्तान में विलय करने के ख्वाहिशमंद है। उन्होंने पाकिस्तान में शामिल होने के लिए एक अलग जमात "तहरीक हुर्रियत" भी बना रखी है जो कल जमाती हुर्रियत कान्फ़्रैंस का हिस्सा है।

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