
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर आज राज्यसभा में संकल्प प्रस्ताव पेश किया। संकल्प प्रस्ताव पेश करे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाद मोदी सरकार पर पलटवाह किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने मोदी गुलाम नबी आजाद ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम भारत के संविधान के साथ हैं। हम हिन्दुस्तान के संविधान की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा देंगे। लेकिन आज भाजपा ने संविधान की हत्या की है।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया गया है। राज्य की एकता और इंटिग्रिटी के साथ खिलवाड़ किया गया है।
यह देश के साथ बहुत बड़ी गद्दारी है। जब कभी पाकिस्तान और चीन ने हमला किया है, कश्मीर के लोग हमेशा लड़ाई में आगे रहे।
1947 में जब हमला हुआ था, फौज के आने से पहले कश्मीर के नौजवानों, औरतों और बच्चों ने लड़ाई लड़ी। मजदूरों और नेताओं ने लाठियों के साथ घुसपैठियों को रोका था।
उन्होंने कहा कि देश का सिर कश्मीर था जिसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने काट लिया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अब हम विपक्षी दलों की बैठक के बाद राष्ट्रपति के पास जाने का फैसला लेंगे।
राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आज भारतीय लोकतंत्र के लिहाज से काला दिन है। उन्होंने विपक्षी दलों की ओर से साझा बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा ने सत्ता के नशे में एक ही झटके में धारा 370 को समाप्त कर दिया।
उन्होंने पीडीपी सांसदों द्वारा संविधान की कॉपी फाड़ने की कोशिश की निंदा की।
मोदी अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे
शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत राज्यसभा में पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा है कि आज जम्मू और कश्मीर लिया है। कल बलूचिसतान लेंगे और उसके बाद पाक अधिकृत कश्मीर लेंगे। मुझे विश्वास है कि पीएम मोदी अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे।
शाह: 370 का खंड एक के अलावा सबकुछ समाप्त
इससे पहले राज्यसभा में बिल पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिस दिन से राष्ट्रपति द्वारा इस गैजेट नोटिफिकेशन को स्वीकार किया जाएगा, उस दिन से संविधान के अनुच्छेद 370 (1) के अलावा और कोई भी खंड लागू नहीं होंगे। अर्थात राष्ट्रपति द्वारा गजट का प्रकाशन स्वीकार करते ही अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड खत्म माने जाएंगे।
कांग्रेस ने की वोट बैंक की राजनीति
अमित शाह ने कहा कि संविधान में अनुच्छेद 370 अस्थाई थी। इसका मतलब ही यह था कि इसे किसी न किसी दिन हटाया जाना था लेकिन अभी तक किसी में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी, लोग वोट बैंक की राजनीति करते थे लेकिन हमें वोट बैंक की परवाह नहीं है।
Updated on:
5 Aug 2019, 3:18 PM IST
Published on:
5 Aug 2019, 2:34 PM IST
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