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लोकसभा चुनाव जल्‍द कराने की संभावनाओं को अरुण जेटली ने सिरे से खारिज किया

निर्धारित समय से पहले लोकसभा चुनावों को लेकर जारी कयासों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिरे से खारिज कर दिया।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 12 Feb 2018, 10:10 AM IST

Arun Jaitely

नई दिल्ली: बजट अभिभाषण में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा एक देश एक चुनाव की बात करने के बाद से राजनीतिक गलियारों में जल्‍द चुनावों को लेकर कवायद तेज हो गई थी जो अब तक जारी है। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन कयासों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। मीडिया से बातचीत में जेटली ने कहा कि हम चुनाव के लिए तैयार हैं लेकिन लोकसभा चुनाव समय से पहले कराने की कोई संभावना नहीं है। पीएम मोदी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए आम राय बनाने की कोशिश में है, ऐसे में विपक्ष को आशंका है कि 2019 में होने वाले आम चुनाव वक्त से पहले हो सकते हैं।

कांग्रेस के अस्तित्‍व संकट में
त्रिपुरा में पार्टी का चुनाव घोषणापत्र- विजन दस्तावेज त्रिपुरा-2018 जारी करने के बाद उन्‍होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के ही राजनीतिक विचारधारा है। एक गैर वाम और दूसरा वाम। भाजपा ने पूरी गैर वाम जगह को भर दिया है। वह माकपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रुप में उभरी है। भाजपा के भगवा दल ने त्रिपुरा में 18 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में वाममोर्चा से टक्कर लेने के लिए इंडिजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के साथ गठजोड़ किया है। यह गठजोड़ सफल रहेगा है भाजपा इस राज्‍य में चुनावी जीत हासिल करेगी।

मतदाता भाजपा को जिताएंगे
उन्‍होंने कहा कि त्रिपुरा में वाम मोर्चा का वही हश्र होगा जो पश्चिम बंगाल में हुआ है। पश्चिम बंगाल में माकपा के आतंक से लोगों में वह घृणा का पात्र बन गई। फलस्वरूप उसका पत्ता वहां से हमेशा के लिए साफ हो गया। हाल में हुए उपचुनावों में भी वामपंथी पार्टियां तीसरे या चौथे स्थान पर रही। जेटली ने कहा कि त्रिपुरा पिछड़ा रहा है क्योंकि माकपा ने राज्य में निजी पूंजी का कभी स्वागत नहीं किया। राज्‍य में निवेश को बढ़ावा नहीं मिलने से विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। राज्‍य को लोगों को विकास की जरूरत है। इसलिए वो भाजपा की सरकार बनाएंगे। लोगों को पता है कि भाजपा विकास की राह पर चलने वाली पार्टी और अब उसका कोई विकल्‍प नहीं है।