
कांग्रेस, विपक्ष सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के 'संरक्षक' : अश्विनी चौबे
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने सोमवार को कांग्रेस और विपक्ष को नागरिकता संसोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध करने वालों का 'संरक्षक' बताया और उन पर अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने का आरोप लगाया। अश्विनी चौबे ने कहा, मैं आपको बता रहा हूं, वे संरक्षक हैं।
शाहीन बाग का प्रदर्शन असंवैधानिक' - चौबे
कांग्रेस, आप और विपक्षी दलों ने भाड़े के लोगों को सड़कों पर उतारा है, जो लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।" चौबे ने प्रदर्शन के कारण पिछले डेढ़ महीने से बंद पड़े शाहीन बाग रोड के बारे में कहा कि यह 'असंवैधानिक' है। चौबे रविवार को दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर सीएए और एनआरसी के विरोध में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा एक बच्चे के साथ 'आजादी' का नारा लगाने के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
विपक्षी दलों ने संविधान की धज्जियां उड़ाई- चौबे
शाहीन बाग इलाके में विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए भाजपा नेता ने कहा, "सड़क बंद करना असंवैधानिक है। वे (कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल) संविधान पर विश्वास नहीं करते हैं और उन्होंने कई बार संविधान को तोड़ा है।" मंत्री ने कहा, "वे नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं। हम बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रवासियों के लिए सीएए लाए हैं, जो वहां अत्याचार का सामना कर रहे हैं।"
इससे पहले, शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के मामले पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "आप सार्वजनिक सड़कों को अनिश्चित काल तक बंद नहीं कर सकते" और "सार्वजनिक जगहों पर विरोध प्रदर्शन इस तरह जारी नहीं रह सकते।" कालिंदी कुंज और नोएडा को जोड़ने वाली एक मुख्य सड़क शाहीन बाग को खोलने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग को लेकर अधिवक्ता अमित साहनी द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन पर लिया संज्ञान
शीर्ष अदालत ने चार महीने के बच्चे की हुई मौत पर भी स्वत: संज्ञान लिया, और कहा कि शाहीन बाग में इतना छोटा बच्चा विरोध करने कैसे जा सकता है और भला माएं भी कैसे इसका समर्थन कर सकती हैं। शीर्ष अदालत ने 12 वर्षीय राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार विजेता द्वारा एक पत्र का संज्ञान लिया है, जिसने मुख्य न्यायाधीश को चार महीने के शिशु की मौत के बाद पत्र लिखा था, जिसे शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन में ठंड के मौसम में ले जाया जाता था।
Updated on:
10 Feb 2020 04:58 pm
Published on:
10 Feb 2020 04:58 pm
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