अयोध्या में जमीन सौदा विवाद को लेकर शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में आक्रामक टिप्पणी के खिलाफ भाजपा की युवा शाखा ने मुंबई में ‘फटकार मोर्चा’ निकाला। विरोध मार्च के दौरान दादर इलाके में शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।
नई दिल्ली। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की जमीन की खरीद में हुए कथित घोटाले को लेकर देश में राजनीति माहौल काफी गर्म है। अयोध्या में जमीन सौदा विवाद को लेकर शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में आक्रामक टिप्पणी की गई। इसके खिलाफ भाजपा की युवा शाखा ने मुंबई में शिवसेना के खिलाफ ‘फटकार मोर्चा’ निकाला। विरोध मार्च के दौरान दादर इलाके में शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बीजेपी महिला पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की है। यह मोर्चा दादर स्थित शिवसेना भवन के सामने पहुंचा शिवसेना और बीजेपी के कार्यकर्ता एक दूसरे से भिड़ गए। हालांकि वहां पर पुसिल का बड़ा बंदोबस्त था।
पुलिस ने लिया लाठीचार्ज
श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगे जमीन घोटाले के आरोपों पर सामना में लिखे संपादकीय से नाराज भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शिवसेना भवन का घेराव करने पहुंचे थे। मुंबई पुलिस ने शिवसेना भवन के कुछ दूर पहले ही BJYM कार्यकर्ताओं को रोक लिया था और पुलिस की गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए। इस बीच कुछ कार्यकर्ता शिवसेना भवन तक पहुंच गए वहां शिवसेना के कार्यकर्ता पहले से ही मौजूद थे और फिर दोनों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों दलों के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और भाजपा की कुछ महिला पदाधिकारियों को बुरी तरह से जख्मी कर दिया।
30 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पुलिस ने बताया कि 30 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 (लोक सेवक के वैध आदेश की अवज्ञा) और 269 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की आशंका) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। सात लोगों के खिलाफ दंगा, गैरकानूनी ढंग से एकत्र होने और हमले से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हिंदुओं की श्रद्धा और आस्था का अपमान करने का आरोप
बीजेपी की ओर से कहा गया कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए जमीन खरीद मामले में घोटाला होने का झूठा आरोप लगाते हुए शिवसेना उर्फ सोनिया सेना ने हिंदू धर्म, हिंदू धार्मिक स्थल और हिंदुओं के श्रद्धा और आस्था का अपमान किया है।