scriptnational indigenous children vaccine may come this month | तीसरी लहर से पहले खुशखबरी: इस महीने आ सकती है बच्चों की स्वदेशी वैक्सीन | Patrika News

तीसरी लहर से पहले खुशखबरी: इस महीने आ सकती है बच्चों की स्वदेशी वैक्सीन

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है। इसी बीच राहत की खबर आ रही है कि बच्चों के लिए जल्द वैक्सीन उपलब्ध करने की तैयारी हो रही है। सरकार के मुताबिक, जायडस कैडिला के टीके को जल्द मंजूरी दी जा सकती है।

नई दिल्ली

Published: June 05, 2021 09:02:35 am

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में महामारी कोरोना वायरस का कहर जारी है। कोरोना की दूसरी लहर ने देश में काफी तबाही मचा रही है। हालांकि अब यह धीरे-धीरे धीमी पड़ रही है। अब कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि यह बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगी। इसी बीच राहत की खबर आ रही है कि बच्चों के लिए जल्द वैक्सीन उपलब्ध करने की तैयारी हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इसी महीने देश के बच्चों को वैक्सीन मिल जाएगी। सरकार के मुताबिक, जायडस कैडिला के टीके को जल्द मंजूरी दी जा सकती है। जिसके परीक्षण 12-18 साल की आयु के बच्चों पर भी हुए हैं। अगले चरण में कैडिला 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर परीक्षण करेगी।

children vaccine
children vaccine

यह भी पढ़ें

कोरोना से बचाने में कोविशील्ड और कोवैक्सीन कितनी असरदार: डेटा इकट्ठा कर रही सरकार, जल्द होगी समीक्षा


दो हफ्ते में मिल सकती है मंजूरी
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अभी कोवैक्सीन के बच्चों पर परीक्षण शुरू हुए हैं। इसको पूरा होने में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। जायडस कैडिला के टीके के परीक्षण बच्चों पर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह में वह लाइसेंस के लिए आ सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी दो हफ्ते के भीतर इसके इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन भी कर सकती है। कोरोना संक्रमण पर गठित विषय विशेषज्ञ समिति यानी एसईसी तीसरे चरण के परीक्षण के डाटा का विश्लेषण करेगी। सबकुछ सही पाए जाने पर समिति कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पुतनिक-वी की तरह इसे भी भी इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश कर सकती है।

यह भी पढ़ें

Patrika Positive News: मसीहा से कम नहीं जग्गा पहलवान, कंधों पर लेकर जाते सिलेंडर, हाथों से खिलाते हैं खाना


30 करोड़ डोज की होगी जरूरत
एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 12-18 साल के बच्चों की आबादी लगभग 14-15 करोड़ के बीच बताई जा रही है। इनके टीकाकरण के लिए वैक्सीन की 28-30 करोड़ डोज की जरूरत होगी। अगर फाइजर और अन्य विदेशी कंपनियों से बच्चों की वैक्सीन आयात भी की जाती है तो कोई भी कंपनी इतनी ज्यादा मात्रा में डोज उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं होगी, इसलिए स्वदेशी वैक्सीन के सहारे ही बच्चों के टीकाकरण की रणनीति तैयार करनी होगी।


परीक्षण में 800 बच्चे भी शामिल
जायडस कैडिला की वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण पूरा हो गया है। इसके परीक्षण में करीब 800 बच्चे भी शामिल हैं। इन सभी बच्चों की उम्र 12 से 18 साल के बीच है। इसलिए इस टीके को 12-18 साल के आयु वर्ग के बच्चों के लिए भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कैडिला की हर महीने 1 से 2 करोड़ टीका तैयार करने की क्षमता है। उसने कहा है कि वह अगले छह महीनों में बढ़ाकर इसे 2.5 से 3 करोड़ तक दिया जाएगा।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

14 अगस्त को 'विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस' मनाने पर कांग्रेस का BJP पर हमला, कहा- नफरत फैलाने के लिए त्रासदी का दुरुपयोगइसलिए नाम के पीछे झुनझुनवाला लगाते थे Rakesh Jhunjhunwala, अकूत दौलत के बावजूद अधूरी रह गई एक ख्वाहिशRakesh Jhunjhunwala Net Worth: परिवार के लिए इतने पैसे छोड़ गए राकेश झुनझुनवाला, एक दिन में कमाए थे 1061 करोड़पिता ने नहीं दिए पैसे, फिर भी मात्र 5000 के निवेश से कैसे शेयर बाजार के किंग बने राकेश झुनझुनवालासिर पर टोपी, हाथों में तिरंगा; आजादी का जश्न मनाते दर्जनों मुस्लिम बच्चों का ये वीडियो कहां का है और क्यों वायरल हो रहा है?Rakesh Jhunjhunwala Faith in Sati Dadi Temple: झुंझुनूं की राणी सती दादी मंदिर में थी राकेश झुनझुनवाला की गहरी आस्था'आजादी के अमृत महोत्सव' के तहत भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती 30 गांवों के विकास के लिए शुरू हुई अनूठी पहलRajasthan: तीसरी कक्षा के दलित छात्र को निजी स्कूल के शिक्षक ने पानी का कंटेनर छूने को लेकर पीटा, मौत के बाद तनाव, इंटरनेट सेवा बंद
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.