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केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के भाई ने कहा- ‘भैया’ का हेल्प चाहिए तो हमको बोलिए सर

केंद्रीय मंत्री ने अपनी सफाई में कहा कि गोबोई से उनका कोई नाता नहीं है। वह दूर के रिश्ते का भाई है। उन्होंने कहा कि जो भी पत्र ऊर्जा मंत्रालय को लिखे गए हैं वो सिर्फ 'गरीबों की मदद' के लिए थे..

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Rahul Mishra

Dec 14, 2016

Bhaiya reference to minister  ‘Bhaiya ka help chah

Bhaiya reference to minister ‘Bhaiya ka help chahiye toh humko boliye Sir’

नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश हाइड्रो प्रोजेक्ट में अपने भाई गोबोई रिजिजू का नाम आने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू उनसे किनारा करते हुए नजर आ रहे हैं।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के भाई गोबोई रिजिजू , पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी में ठेदेदार हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक उन पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी पर काम पूरा करने के दौरान फर्जी बिल देकर पैसे वसूले हैं। इस बीच सामने आई एक बातचीत की रिकॉर्डिंग केंद्रीय मंत्री की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से जो फ़ोन डिटेल सामने आई है उसमें गोबोई रिजिजू और नॉर्थ ईस्टर्न पावर कॉर्पोरेशन के विजिलेंस ऑफिसर सतीश वर्मा बातचीत कर रहे हैं। बातचीत में केंद्रीय मंत्री और ठेकेदार के बीच गहरे रिश्ते होने की बात सामने आई है।

Kiren Rijiju, Kiren Rijiju scam, Kiren rijiju power scam, Kiren Rijiju hydel power, rijiju scam, Rijiju controversy, Arunachal Pradesh-Kiren Rijiju, PIB-Kiren Rijiju, Indian Express, India news,वहीं आम आदमी पार्टी ने भी केंद्रीय गृहराज्‍य मंत्री किरण रिजिजू पर अरुणाचल हायड्रो प्रोजेक्‍ट में घोटाले के आरोप लगने के बाद सरकार पर निशाना साधा है। ‘आप’ नेताओं ने पीएम मोदी से मांग की है कि अगर किरण रिजिजू खुद इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो उन्हें मंत्री पद से हटा देना चाहिए। आशीष खेतान ने एक न्यूज चैनल से से बातचीत करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार ख़त्म करने की बात करने वाले मोदी जी को अपने मंत्रियों पर महायज्ञ करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने गोबोई से किनारा करते हुए अपनी सफाई में कहा कि गोबोई से उनका कोई नाता नहीं है। वह सिर्फ उनके दूर के रिश्ते का भाई है। उन्होंने कहा कि जो भी पत्र ऊर्जा मंत्रालय को लिखे गए हैं वो सिर्फ 'आस-पास के गरीबों की मदद' के लिए थे, जो नॉर्थ ईस्टर्न पावर कॉर्पोरेशन (NEEPCO) में काम कर रहे हैं।

दिसंबर 2015 की इस 29 मिनट की बातचीत की रिकॉर्डिंग में गोबोई ने कई बार केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का नाम लिया है। बातचीत में गोबोई उन्हें 'भैया' कहकर बुलाता है। उसने 17 बार पटेल इंजीनियरिंग के खाते में पैसे ट्रांसफर करवाने का दवाब डाला।

गोबोई रिजिजू के मुताबिक जिन 'गरीब लोगों' की मदद के नाम पर कुछ हजार रुपयों के लिए केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय को चिट्ठी लिखी वे दरअसल ठेकेदार थे। जिनका पटेल इंजीनियरिंग से 30 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का बकाया था।

मामले की जांच कर रहे अधिकारी सतीश वर्मा ने पाया कि सितंबर 2015 में जिन लोगों के कहने पर किरण रिजिजू ने मंत्रालय को चिट्ठी लिखी और उन्हें ग्राम पंचायत सदस्य बताया दरअसल वे सब ठेकेदार थे और गोबोई के साथ थे।

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