Bihar Election: बिहार में जोड़तोड़ की सियासत शुरू, छोटी पार्टियों को साधने की कोशिश

  • Bihar Election: विधानसभा चुनाव में NDA को पूर्ण बहुमत
  • छोटी पार्टियों को तोड़ने की सियासत शुरू!
  • HAM ने कहा- हम NDA के साथ ही रहेंगे

By: Kaushlendra Pathak

Published: 13 Nov 2020, 07:50 AM IST

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Election ) संपन्न हो चुका है। 2020 के चुनाव में NDA को पूर्ण बहुमत मिला है। कयास लगाया जा रहा है कि सोमवार को जदयू प्रमुख नीतीश कुमार अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। लेकिन, उससे पहले बिहार में जोड़तोड़ की सियासत शुरू है। कई पार्टियां छोटी-छोटी पार्टियों को अपने पाला में करना चाहती है। रिपोर्ट के अनुसार, महागठबंधन की ओर से इसका पहल लगातार हो रहा है। इसी कड़ी में NDA में शामिल हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा ने बड़ा खुलासा किया है। हम प्रवक्ता दानिश रिजवान का कहना है कि गठबंधन के लिए उनके पास दूसरी पार्टियों से लगातर फोन आ रहे हैं।

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छोटी पार्टियों को तोड़ने की कवायद

दरअसल, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा पहले महागठबंधन का हिस्सा थी। लेकिन, इस बार NDA में शामिल है। हम को इस विधानसभा चुनाव में चार सीटें मिली है। हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि उनके पास कई पार्टियों से फोन आ रहे हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि वह NDA का साथ किसी हालत में नहीं छोड़ेंगे। दानिश ने कहा कि कई पत्रकार और अभिभावकों के फोन आ रहे हैं। लेकिन, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम NDA के साथ हैं। किसी हाल में दूसरी पार्टियों के साथ नहीं जा रहे हैं। दानिश ने कहा कि हमारे नेता जीतनराम मांझी ने साफ कहा है कि हमने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है। जब तक मेरे शरीर में प्राण हैं, हम नीतीश कुमार का साथ नहीं छोड़ेंगे। यहां आपको बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने भी कहा था कि महागठबंधन को अपने पुराने सहयोगी दलों से संपर्क करनी चाहिए। दरअसल, उन्होंने महागठबंधन में AIMIM को शामिल करने पर यह बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बिहार में AIMIM का आना शुभ संकेत नहीं है।

मांझी का बड़ा बयान

यहां आपको बता दें कि गुरुवार को हम के मुखिया जीतनराम मांझी ने जेडीयू मुखिया नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मांझी ने कहा कि वह इस बार मंत्री नहीं बनना चाहते हैं। क्योंकि, वह मुख्यमंत्री रह चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई ऐसे नेता हैं जो मुख्यमंत्री रहने के बाद भी मंत्री बने हैं। लेकिन, हम यह नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हम बिना किसी शर्त के NDA में शामिल हुए थे। अब देखना ये है कि बिहार की सियासत आने वाले दिनों में किस करवट बैठती है।

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