
पंजाब के सभी विधायकों को जालंधर किया तलब (Photo-IANS)
Punjab AAP Politics: आम आदमी पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद पार्टी में हलचल तेज है। इन सात में से 6 सांसद पंजाब से थे, जबकि एक दिल्ली से थी। पार्टी से सातों सांसद के बागी होने पर पंजाब में पार्टी की टूट रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया एक्टिव हो गए है। उन्होंने बुधवार को सभी विधायकों को जालंधर बुलाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान सीएम भगवंत मान और मनीष सिसोदिया सभी विधायकों के साथ बातचीत करेंगे।
हालांकि आम आदमी पार्टी द्वारा यह बैठक क्यों बुलाई गई है, इसका एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों द्वारा बीजेपी में विलय होने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा।
राघव चड्ढा समेत 4 सांसदों द्वारा बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई थी। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के करीब 65 विधायक पलटी मारने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी कहा था कि भगवंत मान भी एकनाथ शिंदे की तरह हो सकते है।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों का दूसरी पार्टी में जाना अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इन सात में से 6 सांसद उच्च सदन में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे। वहीं राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने 2022 में प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर सांसदों का पार्टी छोड़ना किसी भी दल के लिए गंभीर चुनौती होती है। इससे यह संदेश जाता है कि पार्टी के अंदर समन्वय और संवाद की कमी है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर AAP पर तीखा हमला बोला और इसे पार्टी के टूटने की शुरुआत बताया।
दूसरी ओर, AAP नेतृत्व ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि उनके नेताओं पर दबाव बनाया गया। पार्टी ने अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
Updated on:
28 Apr 2026 12:37 pm
Published on:
28 Apr 2026 12:13 pm
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