
बिहार विधानसभा चुनाव 2020
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Election Results 2020 ) के नतीजे आना जारी है। वहीं बीजेपी को इस चुनाव में जबरदस्त बढ़त हासिल होती दिख रही है। लेकिन जेडीयू के खेमे में खुशी के बीच गम का भी माहौल है। इस गम की असली वजह है कि चिराग पासवान। चिराग के चलते जेडीयू चुनाव में तीसरे नंबर पर पहुंच रही है। चिराग ने हालांकि अब एक ही सीट पर जीत दर्ज कर पाएं हैं, लेकिन उन्होंने चुनाव के दौरान जो जिम्मा उठाया था उसे पूरा करने में जरूर कामयाब नजर आ रहे हैं।
चिराग पासवान पूरे चुनाव के दौरान जेडीयू की लंका में आग लगाते ही नजर आए। उन्होंने अपने हर भाषण और हर बयान में सीएम नीतीश कुमार से लेकर जेडीयू पर सीधा प्रहार किया।
खुदको प्रधानमंत्री मोदी का हनुमान बनाने वाले चिराग पासवान ने हनुमान बनकर ही जेडीयू की लंका में आग भी लगा दी। अब तक आए परिणामों पर गौर करें तो कई सीटों पर जेडीयू को एलजेपी की वजह से मुंह की खानी पड़ी है।
गिरा वोट प्रतिशत
अब तक आए चुनावी नतीजों के मुताबिक बीजेपी के खाते में 19.54% जबकि जेडीयू को 15.14% वोट मिल चुके हैं। वहीं, आरजेडी को 22.9% वोट मिले थे। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि अगर एलजेपी ने जेडीयू के खिलाफ प्रत्यासी नहीं खड़े किए होते तो नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की संभावना होती।
इन सीटों पर जेडीयू को नुकसान
एलजेपी ने चुनाव के दौरान जिन सीटों पर जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया है उनमें महुआ, मटिहानी, महिषी, जहानाबाद, कुर्था प्रमुख रूप से शामिल हैं।
महुआ में जेडीयू को एलजेपी के चलते हार का मुंह देखना पड़ा। यहां जीत तो आरेजडी उम्मीदवार की हुई, लेकिन एलजेपी उम्मीदवार संजय कुमार सिंह को 12 हजार वोटों ने जेडीयू को नुकसान पहुंचाया।
इसी तरह महिषी विधानसभा सीट पर भी आरजेडी उम्मीदवार जीते और यहां भी एलजेपी का प्रत्याशी ही जेडीयू की हार का कारण बना। इस सीट पर एलजेपी उम्मीदवार ने करीब 7 हजार वोट काट दिए।
बेगूसराय जिले की मटिहानी सीट पर भी जेडीयू प्रत्याशी को एलजेपी ने हार की कगार तक पहुंचाया। यहां जीत सीपीआई प्रत्याशी की हुई। राजेंद्र सिंह को 37 हजार से ज्यादा वोट मिले, जबकि एलजेपी के कैंडिडेट को 26 हजार मत हासिल हुए। जेडीयू के खाते में 31 हजार वोटों के साथ हार आई।
जेडीयू के मंत्री की भी हार
एलजेपी के सिंगल एजेंडे जेडीयू की हार ने मंत्री तक को नहीं बख्शा। जहानाबाद सीट से जेडीयू के मंत्री कृष्णनंदन वर्मा चुनाव हार गए। यहां भी आरजेडी को एलजेपी प्रत्याशी के वोट काटने की वजह से जीत हासिल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
इन सीटों पर भी जेडीयू को मात
जेडीयू के लिए कुर्था, सासाराम और नोखा सीट भी बुरी खबर लेकर आई। यहां भी लोजपा उम्मीदवारों के चलते जेडीयू प्रत्याशियों के खाते में हार ही नसीब हुई।
चिराग ने चलाए कई बाण
अपने चुनावी भाषणों में चिराग पासवान ने नीतीश सरकार और खुद नीतीश पर कई तीखे बाण चलाए। उन्होंने जहां नीतीश कुमार पलटूराम का नाम दिया तो वहीं उनकी सरकार को भ्रष्टाचारी सरकार भी करार दिया।
चिराग के नारों की नतीजों में झलक
चिराग के इस नारे 'नीतीश कुआं तो तेजस्वी खाई, LJP-BJP सरकार बनाईं’ का असर जनता पर हुआ और नतीजों में इसकी झलक देखने को मिल रही है।
बीजेपी की भूमिका
चिराग को बी टीम के रूप में इस्तेमाल करने के पीछे बीजेपी की बड़ी भूमिका बताई जा रही है। बीजेपी चाहती थी कि वो प्रदेश में छोटे और जुड़वां भाई की भूमिका से निकलकर बड़े भाई भूमिका में आए। इसके लिए जेडीयू के वोटों को काटना जरूरी था। लिहाजा टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार तक बीजेपी ने लोजपा को ज्यादा समझाने की कोशिश नहीं की।
Published on:
10 Nov 2020, 8:09 PM IST
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