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मोदी सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ ओडिशा में खारिज, लागू होगी बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना

'आयुष्मान भारत को लागू करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने अपनी योजना को लागू करने का फैसला लिया है जिससे लोगों को अधिक लाभ मिलेगा।'
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नई दिल्ली

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Pritesh Gupta

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Updated: 14 Jun 2018, 6:12 PM IST

Odisha

मोदी सरकार की 'आयुष्मान भारत' ओडिशा में खारिज, लागू होगी बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को प्रदेश में लागू नहीं करेगी बल्कि दो दिन पहले राज्य सरकार की ओर से घोषित बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना पर अमल किया जाएगा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रताप जेना ने कहा, 'आयुष्मान भारत को लागू करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने अपनी योजना को लागू करने का फैसला लिया है जिससे लोगों को अधिक लाभ मिलेगा।'

राज्य की योजना में शामिल किए जाएंगे 70 लाख परिवार

मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम राज्य के 61 लाख परिवारों लिए है जबकि बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना में 70 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा। जेना ने कहा, 'राज्य की जनता के हितों के लिए हम बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना को लागू करने जा रहे हैं। राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना केंद्र की योजना से बेहतर है।'

हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपए का लाभ

गौरतलब है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की जिसमें कहा गया है कि 70 लाख से अधिक परिवारों के करीब 3.5 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा पर एक परिवार को सालाना पांच लाख रुपए का लाभ दिया जाएगा। यह योजना इस साल 15 अगस्त से प्रभावी होगी।

फिलहाल इन राज्यों में नहीं होगी 'आयुष्मान भारत'

भारत सरकार के मुताबिक 'आयुष्मान भारत' दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। 15 जून से इस योजना के तहत करीब 12 हजार निजी अस्पतालों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। 10 करोड़ परिवार को स्वास्थ्य कवच देने वाली इस योजना को सियासी कारणों के चलते दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बिना ही लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार अब तक एमओयू साइन नहीं करने वाले राज्यों को मनाने में जुटी है। यह भी कहा जा रहा है, चूंकि इस योजना के तहत 40 फीसदी बजट संबंधित राज्यों को देना होगा, इसलिए भी राज्य सरकारें आनाकानी कर रही हैं।

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