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कर्नाटक चुनाव: विधानसभा में पोर्न देखने वाले तीन भाजपा विधायकों को मिला टिकट

वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि बीजेपी ने 3 ऐसे विधायकों को टिकट दिया है, जो 2012 में विधानसभा पोर्न देखते हुए पकड़े गए थे।

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BJP Karnataka

बेंगलुरु। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य में 224 विधानसभा सीटों पर 12 मई को वोटिंग होनी है और 15 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। फिलहाल राज्य में सभी सियासी पार्टियां उम्मीदवारों के नाम घोषित करने में लगी हुई हैं। चुनाव की तारीख को नजदीक देखते हुए ज्यादातर राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी हैं।

पोर्न देखने वाले विधायकों को मिला टिकट
ऐसे में भाजपा के तीन उम्मीदवारों को इस बार फिर से टिकट मिलना पार्टी की फजीहत करवा रहा है। दरअसल, बीजेपी ने हाल ही में जो अपने 7 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, उसमें तीन उम्मीदवार ऐसे हैं जो साल 2012 में विधानसभा के अंदर पोर्न देखते हुए पकड़े गए थे। इस बात का खुलासा होने के बाद बीजेपी की राज्य में किरकिरी हो रही है।

वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने ट्वीट कर साधा निशाना
वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह ने इस बात का खुलासा ट्विटर पर किया है। उन्होंने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजेपी ने उन तीन विधायकों को टिकट दिया है, जिन्हें 2012 में विधानसभा के अंदर पोर्न देखते हुए पाया गया था। नलिनी सिंह ने इसे मोदी और शाह का मास्टरस्ट्रोक बताया है। आपको बता दें कि बीजेपी ने राज्य की 224 सीटों में से 220 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

कब की है पोर्न देखने वाली घटना
जब राज्य में बीजेपी की सरकार थी तो उस समय सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक लक्ष्मण सावादी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन पर पोर्न देखते पकड़े गए थे। इस दौरान तत्कालीन सरकार में पर्यावरण मंत्री जे.कृष्णा पालेमर और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल भी लक्ष्मण सावदी के फोन में पोर्न देखने मशगूल थे। विधानसभा में उस वक्त सूखे के हालात पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही कवर कर रहे मीडिया के कैमरों ने इन मंत्रियों को पोर्न देखते रंगे हाथ पकड़ा था।

इस घटना के मीडिया में आने के बाद काफी हंगामा हुआ था। विपक्षी पार्टियों ने आरोपी नेताओं के इस्तीफे की भी मांग की थी। हालांकि अपने बचान में मंत्री लक्ष्मण सावादी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि ‘मिस्टर पालेमार मुझे पश्चिमी देश में हुए एक महिला के गैंगरेप की वीडियो दिखा रहे थे, जिसे ब्लू फिल्म समझ लिया गया, लेकिन वह ब्लू फिल्म नहीं थी।’