80 सीटों वाली अकोला अकोला महानगरपालिका (नगर निगम) में सत्ता हासिल करने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 41 है, जिसे पाने के लिए भाजपा ने एक बेहद चौंकाने वाला समीकरण तैयार किया है। चुनावों में 38 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा ने अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों को साथ लेकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस बीच सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब शरद पवार की एनसीपी (NCP-SP) के 3 पार्षदों ने भाजपा खेमे में एंट्री की। इसके अलावा, भाजपा को अजित पवार गुट के एक, एकनाथ शिंदे की शिवसेना सेना के एक और एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन भी हासिल हुआ है, जिससे उनकी कुल ताकत 44 पार्षदों तक पहुंच गई है।