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महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी मराठी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई… शिक्षा मंत्री ने दी चेतावनी

Maharashtra Schools: महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय बना दिया गया है। शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने विधानसभा में घोषणा की कि नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी। साथ ही, प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नया पंजीकरण पोर्टल भी शुरू किया गया है।

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मुंबई

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Imran Ansari

Mar 14, 2026

Marathi will be taught in all schools in Maharashtra

Maharashtra Schools: मराठी भाषा की अनिवार्यता और सख्त कार्रवाई महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य के सभी स्कूलों में, चाहे उनका बोर्ड (CBSE, ICSE, IB) या माध्यम कोई भी हो, मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य है। 1 मार्च, 2020 की अधिसूचना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पाठ्यक्रमों वाले स्कूलों में भी मराठी को 'द्वितीय' या 'तृतीय' भाषा के रूप में शामिल करना होगा। विधायक हारून खान के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने चेतावनी दी कि जो स्कूल इस नियम का उल्लंघन करेंगे, उनका पहले निरीक्षण किया जाएगा और सुधार न होने पर उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

निजी और विदेशी बोर्ड स्कूलों पर समान नियम यह नियम केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी, गैर-सरकारी और सभी विदेशी बोर्ड स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होता है। सरकार का रुख साफ है कि राज्य की आधिकारिक भाषा होने के नाते नई पीढ़ी को मराठी सिखाने में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने घोषणा की कि जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं, शिक्षा विभाग वहां तत्काल जांच करेगा। प्रबंधन को कानूनी अनिवार्यताओं की जानकारी देने के बाद भी यदि नियमों की अनदेखी होती है, तो सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नया पंजीकरण

प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नया पंजीकरण कानून स्कूली शिक्षा के साथ-साथ छोटे बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब निजी पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary) स्कूलों के लिए भी नया कानून ला रही है। मनीषा चौधरी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर मंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल, 2025 के सरकारी परिपत्र के अनुसार अब सभी प्री-स्कूलों को एक विशेष पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को बुनियादी ढांचे, सीसीटीवी, खेल के मैदान, छात्र संख्या और कर्मचारियों का पूरा विवरण देना होगा, जिससे अभिभावकों के लिए एक पारदर्शी डेटाबेस उपलब्ध हो सके।