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हर दिल अजीज भारत रत्न Pranab Mukherjee, विरोधी भी करते रहे तारीफ

दिग्गज राजनेता और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी के निधन से देश को बड़ी क्षति। भारतीय राजनीति के चाणक्य को विरोधी दल के नेता भी सम्मान और प्रेम देते थे। भारतीज जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. मुखर्जी को दिया गया भारत रत्न।

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BJP government awarded Bharat Ratna to

BJP government awarded Bharat Ratna to

नई दिल्ली। यों तो राजनीतिक पार्टियों की अपनी विचारधारा होती है और उस दल के नेता उसका पालन करते हैं, लेकिन कई राजनेता ऐसे होते हैं जिन्हें हर पार्टी में सम्मान मिलता है। भारतीय राजनीति में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी ऐसी ही शख्सियत थे, जिन्हें सभी पसंद करते थे। यहां तक की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तो प्रणब दा को भारत रत्न से भी सम्मानित किया।

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उनके करीबी बताते हैं कि प्रणब मुखर्जी कभी टकराव वाली स्थिति में नहीं रहते थे। प्रणब को भारतीय राजनीति के चाणक्य के रूप में भी जाना जाता था। इसकी वजह उनका एक महान वार्ताकार होने के साथ ही जोड़तोड़ करने वाला और राजनीति के लिए जो कुछ भी आवश्यक था, वह सब उनके पास मौजूद होना था।

वह एक सुलझे हुए और सभी को समान ढंग से देखने वाले व्यक्ति थे शायद यही वजह है कि जून 2018 में महाराष्ट्र के नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय में भी प्रणब दा एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंच गए। संघ से वैचारिक मतभेद रखने वाली कांग्रेस के दिग्गज नेता का संघ के कार्यक्रम में जाना कईयों को रास नहीं आया और तमाम दिग्गज नेताओं ने उन्हें इस आयोजन से दूरी बरतने के लिए कहा।

हालांकि उन्होंने किसी की नहीं सुनी और ना केवल कार्यक्रम में पहुंचे बल्कि संघ के संस्थापक हेडगेवार के घर का भी दौरा किया और उन्हें आगंतुक पुस्तिका में भारत माता का एक महान पुत्र बताया। इसके बाद समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने विविधता, बहुलवाद और सह-अस्तित्व पर बात की।

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अगले ही वर्ष 2019 में भाजपा ने प्रणब दा को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की घोषणा की और इसकी आलोचना भी शुरू हो गई। हालांकि भाजपा ने आलोचनाओं का जमकर जवाब दिया और प्रणब दा उस वक्त भी अपने चिरपरिचित अंदाज में ही नजर आए।

सरलता और ज्ञान संभवता प्रणब दा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शुमार थीं, जिसकी वजह से उनके निधन के बाद देश में सभी दलों के नेताओं, विरोधी दलों, वरिष्ठों-कनिष्ठों, उद्योग, मनोरंजन, खेल जगत समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इसे देश की राजनीति की एक बड़ी क्षति करार दिया है।

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