
पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिवाजी पार्क पहुंचकर बाला साहेब को दी श्रद्धांजलि, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
नई दिल्ली। शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की आज पुण्यतिथि है। मुंबई के शिवाजी पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। सभी दलों के नेता श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं। इधर भाजपा और शिवसेना की तल्खी के बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी श्रद्धांजलि देने शिवाजी पार्क पहुंचे।
उनके साथ बीजेपी की नेता पंकजा मुंडे और विनोद तावड़े भी थे। देवेंद्र फडणवीस ने बाला साहेब की समाधि स्थल पर पुष्प चढ़कर श्रद्धांजलि अर्पित की। हालांकि इस दौरान कुछ शिवसैनिकों ने देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नारेबाजी की।
बता दें कि थोड़ी देर पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने पूरे परिवार के साथ शिवाजी पार्क पहुंचे थे। उद्धव ठाकरे उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने पुष्प चढ़ाकर बाला साहेब को श्रद्धांजलि दी। ठाकरे परिवार के जाने के बाद फडणवीस पहुंचे।
बाला साहेब से मिली स्वाभिमान की सीख- फडणवीस
इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने सुबह में बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर नमन किया था। फडणवीस ने ट्वीट कर बाला साहेब ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वाभिमान की सीख उन्हें बाला साहेब ठाकरे से ही मिली है। गौरतलब है कि देवेंद्र फडणवीस बाल ठाकरे के बड़े प्रशंसकों में आते हैं। बता दें कि 1966 में शिवसेना को खड़ा करने वाले बाल ठाकरे का 17 नवंबर 2012 को निधन हो गया था।
शिवसेना का ही होगा अगला मुख्यमंत्री
शिवाजी पार्क स्थित बाल ठाकरे की समाधि पर शिवसेना और अन्य दलों के तमाम नेता उनको श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे रहे हैं। शिवेसना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत भी बाला साहेब को श्रद्दांजलि देने पहुंचे। समाधि पर नमन के बाद राउत ने मीडिया से एक बार फिर कहा कि महाराष्ट्र का अगला सीएम शिवसेना से ही होगा।
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू
बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन नहीं होने पर राष्ट्रपति शासन लागू है। शिवेसना और भाजपा ने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था। लेकिन शिवसेना और भाजपा के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में शिवेसना और बीजेपी के बीच तल्खी बढ़ गई है। बात यहां तक पहुंच गई है कि दो दशकों से ज्यादा पुराना रिश्ता टूट गया है।
शिवसेना, NCP और कांग्रेस के साथ बनाएगी सरकार
ऐसे में शिवसेना अब एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की तैयारी में है। हालांकि सूत्रों की मानें तो कांग्रेस शिवसेना के साथ सरकार बनाने के मूड में नहीं है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद सरकार बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।
Updated on:
18 Nov 2019 01:13 pm
Published on:
17 Nov 2019 02:50 pm
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