7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुछ सप्ताह पहले दिल्ली की सड़कें बगदाद-सीरिया जैसी नजर आ रही थीं: राव

नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध को लेकर साधा निशाना। कांग्रेस-आप पर लगाया राष्ट्र-विरोधियों का समर्थन करने का आरोप। शाह और नड्डा ने भी साधा है आप और कांग्रेस पर निशाना।

2 min read
Google source verification
gvl narsimha rao

जीवीएल नरसिम्हा राव

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध और शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रणनीति बनाई है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) चुनाव प्रचार में इसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच पार्टी के सांसद और प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव (BJP leader GVL Narasimha Rao) ने राजधानी में हो रहे CAA विरोध-प्रदर्शन की तुलना बगदाद और सीरिया की हिंसा से की है।

बड़ी खबरः द इकोनॉमिस्ट मैग्जीन ने लिखा, 'भारत के 20 करोड़ मुसलमानों को डर है कि पीएम हिंदू राष्ट्र बना रहे हैं'

राव ने कहा कि दिल्ली का चुनाव विकास से जुड़े स्थानीय मुद्दों के साथ आज हावी राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाएगा और प्रचार में इनका महत्वपूर्ण स्थान है।

मीडिया से बातचीत में राव (BJP leader GVL Narasimha Rao) ने कहा, "आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस दिल्ली की सड़कों पर हिंसा के समर्थक हैं। कुछ सप्ताह पहले ठहर गई थी, दिल्ली कुछ वक्त के लिए बगदाद या सीरिया की राजधानी दमिश्क जैसी नजर आने लगी थी, और इस दौरान तमाम विचलित करने वाली घटनाएं देखी गईं। दिल्ली एक आतंक के साये वाले शहर में तब्दील नहीं होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "हम अवैध कॉलोनियों में विकास, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 40 लाख लोगों को मुफ्त इंश्योरेंस और शांति चाहते हैं। दिल्ली केवल तभी विकसित हो सकती है जब भाजपा (BJP) सत्ता में आए। दिल्ली के लोगों को दिल्ली को सकुशल और सुरक्षित रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण चयन करना है।"

पीएम मोदी की पगड़ी बन गई है चर्चा का विषय, 2015 से लेकर अब तक की स्टाइल देखेंगे तो आया बड़ा चेंज

इससे पहले सोमवार को भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा (JP Nadda) ने ट्विटर के जरिये आप पर निशाना साधते हुए लिखा था, "जेएनयू (JNU) में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अन्य भारत-विरोधियों ने 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे राष्ट्र विरोधी नारे लगाए। वे भारत की संप्रभुता खत्म करने की धमकी दे रहे थे। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की तहकीकात की और जनवरी 2019 में चार्जशीट फाइल करने जा रही थीं।"

उन्होंने आगे लिखा, "उन्होंने (जांच एजेंसियों) ने टुकड़े-टुकड़े गैंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की अनुमति मांगी, लेकिन एक साल बाद कल तक उन्हें कोई अनुमति नहीं मिली। केजरीवाल को दिल्ली को जरूर बताना चाहिए कि वह भारत को तोड़ने की चाहत रखने वालों का क्यों समर्थन कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन राष्ट्र-विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से उनको वोट बैंक का नुकसान होगा।"