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बीजेपी सांसद का बेतुका बयान, कठुआ में बच्ची से गैंगरेप के पीछे पाकिस्तान का हाथ

मप्र बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान का कहना है कि कठुआ में आठ साल की बच्ची के गैंगरेप में पाकिस्तानी एजेंटों का हाथ है।

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Chandra Prakash Chourasia

Apr 12, 2018

Kathua gang rape

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मासूम से हुए गैंगरेप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। लोग आरोपियों की फांसी की मांग कर रहे हैं। इसी बीच बीजेपी के एक बड़े नेता ने बेहद बेतुका बयान दिया है। मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि कठुआ गैंगरेप में पाकिस्तान का हाथ है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में तो सिर्फ फीसदी भी हिंदू आबादी नहीं है। वहां हिंदू बेचारे मुंह खोलने से डरते हैं, तो वो क्या राम के नारे लगाएंगे।

पाकिस्तानी एजेंटों ने किया रेप, लगाए नारे
खंडवा सांसद और सीएम शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि जम्मू कश्मीर में एक बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है। बताया जा रहा है कि वहां रेप आरोपियों के समर्थन में जय श्रीराम के नाए लगाए गए हैं। ये नारे पक्का पाकिस्तानी एजेंटों ने ही लगाए होंगे। उन्होंने ही भारत में फूट डालने के लिए आरोपियों के समर्थन में जय श्रीराम के नारे लगाए होंगे।

चौहान ने गिनाई हिंदू की गलत आबादी
नंदकुमार सिंह चौहान ने अपने बयान में कश्मीर की आबादी को लेकर भी गलत आंकड़ों जिक्र किया और कहा कि वहां तो हिंदुओं की आबादी एक फीसदी से भी कम है। जबकि 2011 की जनगणना के हिसाब से जम्मू कश्मीर की कुल आबादी 125.41 लाख है। जिसमें हिंदुओं की आबादी 35.66 लाख है। यह कश्मीर की कुल आबादी का 28.43 फीसदी है।

इंसान होना एक गाली: वी के सिंह
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने कठुआ में मासूम के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री वी के सिंह इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा कि आसिफा के लिए हम इंसान के रूप में नाकाम रहे, लेकिन उसे इंसाफ ज़रूर मिलेगा। वीके सिंह ने ट्वीट में लिखा हैं ‘इंसान और जानवर में फर्क होना चाहिए और ये है भी, लेकिन आठ साल की बच्ची के साथ जो हुआ है उससे लगता है कि इंसान होना एक गाली है। जानवर इससे कहीं अच्छे हैं। शायद ही कोई होगा जो इस घटना से भावुक ना हुआ हो।’ उन्होंने आगे लिखा है, ‘भावनाओं को अलग रखकर कहना चाहता हूं कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि उनका उदाहरण आने वाली पीढ़ी भी रख सके। एक और चीज। जो धर्म की आड़ में अपराधियों को शरण देना चाहते हैं, उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि वो भी अपराधियों की ही श्रेणी में ही गिने जाएंगे। आपका समर्थन दर्शाता है कि समय आने पर आप भी ऐसे ही अपराध करने में सक्षम है। खुद ही फैसला करें कि आप किनके प्रतिनिधि बनना चाहते हैं। अपने धर्म और देश के नाम पर ऐसा कलंक ना पोते जिसके हम ना चाहते हुए भी भागीदार बने।’