राजनीति

NEET-JEE Exam2020: BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का अजीब बयान, द्रौपदी से कर डाली छात्रों की तुलना

NEET-JEE Exam 2020 को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच BJP MP Subramanian Swamy का अजीब बयान स्वामी ने द्रौपदी से की छात्रों की तुलना, खुद को बताया विदुर बीजेपी सांसद पहले ही एग्जाम को लेकर बता चुके हैं अपनी मंशा

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Aug 28, 2020
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी

नई दिल्ली। कोरोना संकट ( Coronavirus ) के बीच देशभर में NEET-JEE एग्जाम को लेकर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस ने परीक्षाओं को टालने के लिए शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस बीच बीजेपी ( BJP )के सांसद और वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ( Subramanian Swamy ) का अजीब बयान सामने आया है।

एक तरफ कांग्रेस छात्रों के लिए देशभर में प्रदर्शन कर रही है तो दूसरी बीजेपी सांसद ने इन छात्रों की तुलना द्रौपदी से कर डाली। सुब्रमण्यम स्वामी ने छात्रों को जहां द्रौपदी बताया वहीं राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तुलना कृष्ण से की है जबकि खुद को विदुर कह डाला।

देशभर में लाखों छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री NEET-JEE परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस एग्जाम को लेकर देशभर में प्रदर्शन शुरू किया। लेकिन इस बीच इस लड़ाई में भाजपा के सांसद और कद्दावर नेता सुब्रमण्यम स्वामी पर कूद पड़े हैं।


सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने शुक्रवार को अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक ट्वीट किया। इस अजीब ट्वीट के जरिए स्वामी ने एक बार विवाद खड़ा कर दिया है। स्वामी ने लिखा- लिखा कि आज नीट और जेईई परीक्षा के मामले में, क्या छात्रों को द्रौपदी जैसे अपमानित किया जा रहा है? मुख्यमंत्री कृष्ण की भूमिका निभा सकते हैं।
एक छात्र के रूप में और फिर 60 सालों तक प्रोफेसर के तौर पर मेरे अनुभव बताते हैं कि कुछ गलत होने वाला है। मुझे विदुर जैसा महसूस होता है।

आपको बता दें कि सुब्रमण्य स्वामी पहले ही JEE-NEET एग्जाम को लेकर अपना पक्ष रख चुके हैं। स्वामी ने कहा था कि अगर 11 राज्यों की सीएम नहीं चाहते कि कोरोना संकट के बीच ये दोनों एग्जाम करवाई जाएं, तो ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के पास जाने की क्या जरूरत है। राज्यों के पास अपनी ताकत नहीं है, जो वे फैसला नहीं ले पा रहे है।
आपको बता दें कि हाल में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गैर एनडीए शासित राज्यों की मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ये तय किया था कि वे सुप्रीम कोर्ट जाकर परीक्षा टालने की अपील करेंगे।

Published on:
28 Aug 2020 11:46 am
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